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हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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अमर उजाला ब्यूरो
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। सत्र एवं जिला न्यायाधीश पद्म सिंह की अदालत ने स्टेट बनाम सुखराम उराव को धारा 302 के तहत एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार 12 मई 2016 को दोषी सुखराम उराव ने चंद्र बढ़ई नामक व्यक्ति की, जो झारखंड का ही निवासी था की हत्या उपरोक्त जंग बहादुर नेगी की दोगरी में सिल बट्टा मारकर कर दी थी। हत्या के बाद दोषी सुखराम उराव ने मृतक चंद्र बढ़ई की लाश को साथ लगते बगीचे में ही फेंक कर मौके से फरार हो गया था।
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इसकी सूचना जंग बहादुर नेगी ने पुलिस थाना रिकांगपिओ में दी थी, जिस पर पुलिस मौके पर आई और दोषी सुखराम उराव जो हत्या करने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ की ओर भागा था, को धर दबोचा। अदालत ने अतिरिक्त जिला न्यायवादी प्रवीण ठाकुर द्वारा दी गई दलीलों को मद्देनजर रखते हुए सुखराम उराव को दोषी पाए जाने पर उम्र कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को धारा 201 के तहत एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना पड़ेगा।
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सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी प्रवीण ठाकुर ने की। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से कुल 15 गवाहों ने इस केस में अदालत में गवाही दी थी। वर्ष 12 मई 2016 को जंग बहादुर, गांव कोठी ने अपने बगीचे में दोगरी बना रखी थी, जिसमें सुखराम राव को सेब के बगीचे की देखरेख के लिए नौकर के रूप में रखा था। सुखराम राव और दोषी सुखराम उराव दोनों रिश्ते में जीजा-साला थे।