{"_id":"5ed509ea8ebc3e903a5790f4","slug":"auto-union-rampur-hp-news-sml3344594132","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीस रुपये प्रति सवारी पर अड़ी ऑटो यूनियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीस रुपये प्रति सवारी पर अड़ी ऑटो यूनियन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर बुशहर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच रामपुर में बस सेवाओं के साथ ऑटो सेवा भी शुरू हो गई। हालांकि, ऑटो यूनियन किराये में बढ़ोतरी न करने पर भड़क गई है। यूनियन लॉकडाउन के पूरी तरह खुलने तक दस रुपये की जगह बीस रुपये प्रति सवारी की मांग पर अड़ गई है। उधर, प्रशासन ने दो टूक कहा है कि किराया किसी भी कीमत पर नहीं बढ़ेगा। अगर यूनियन ऑटो नहीं चला सकती है तो प्रशासन लोगों की सुविधा को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करेगा।
ऑटो चालकों का तर्क है कि पहले एक ऑटो रिक्शा में जहां तीन लोगों के बैठने की इजाजत थी, वहीं अब एक ऑटो में केवल दो लोग ही बैठ पाएंगे। इसके चलते ऑटो चालकों को घाटा होने की आशंका सता रही है। सोमवार को परिवहन अधिकारियों, पुलिस और ऑटो यूनियन के साथ आयोजित बैठक के दौरान जब उपमंडलाधिकारी ने ऑटो सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए तो ऑटो यूनियन तैयार हो गई, लेकिन इसके बाद किराये में बढ़ोतरी न होने पर शहर में कुछ ही ऑटो दौड़ते हुए दिखे। ऑटो यूनियन रामपुर के प्रधान देवी सिंह बुशैहरी, पूर्व प्रधान देवी चंद गौतम ने बताया कि पहले एक ऑटो में तीन सवारियां बैठाने की अनुमति थी, लेकिन अब सवारियां दो हो गई हैं। ऐसे में ऑटो चालकों को घाटा होगा। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 10 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से ऑटो नहीं चलेंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से निर्धारित समय तक किराया बढ़ाने की मांग की है। उधर, एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रशासन ने ऑटो यूनियन को पहले की भांति 10 रुपये प्रति सवारी ऑटो चलाने की इजाजत दी है। यदि ऑटो रिक्शा नहीं चलते हैं तो प्रशासन अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर लोगों को परिवहन सुविधा मुहैया करवाएगा। सरकार की ओर से किराया बढ़ाने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
विज्ञापन
ऑटो चालकों का तर्क है कि पहले एक ऑटो रिक्शा में जहां तीन लोगों के बैठने की इजाजत थी, वहीं अब एक ऑटो में केवल दो लोग ही बैठ पाएंगे। इसके चलते ऑटो चालकों को घाटा होने की आशंका सता रही है। सोमवार को परिवहन अधिकारियों, पुलिस और ऑटो यूनियन के साथ आयोजित बैठक के दौरान जब उपमंडलाधिकारी ने ऑटो सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए तो ऑटो यूनियन तैयार हो गई, लेकिन इसके बाद किराये में बढ़ोतरी न होने पर शहर में कुछ ही ऑटो दौड़ते हुए दिखे। ऑटो यूनियन रामपुर के प्रधान देवी सिंह बुशैहरी, पूर्व प्रधान देवी चंद गौतम ने बताया कि पहले एक ऑटो में तीन सवारियां बैठाने की अनुमति थी, लेकिन अब सवारियां दो हो गई हैं। ऐसे में ऑटो चालकों को घाटा होगा। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 10 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से ऑटो नहीं चलेंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से निर्धारित समय तक किराया बढ़ाने की मांग की है। उधर, एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रशासन ने ऑटो यूनियन को पहले की भांति 10 रुपये प्रति सवारी ऑटो चलाने की इजाजत दी है। यदि ऑटो रिक्शा नहीं चलते हैं तो प्रशासन अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर लोगों को परिवहन सुविधा मुहैया करवाएगा। सरकार की ओर से किराया बढ़ाने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
विज्ञापन