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Rampur Bushahar News: लंबित मांगें पूरी न होने पर पेंशनरों में भारी रोष, सरकार को दी चेतावनी
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रामपुर में पेंशनर कल्याण संघ की बैठक में मौजूद सदस्य चर्चा करते हुए। संवाद
पेंशनर संघ की बैठक में जोर9शोर से उठे कई मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। यदि सरकार जल्द पेंशनरों की मांगें पूरी नहीं करेगी तो आगामी चुनाव में सरकार को पेंशनरों का साथ नहीं मिलेगा। सरकार को 2027 के चुनावी परिणाम भुगतने होंगे। लंबे समय से पेंशनर सरकार के समक्ष अपनी मांगें उठाते आए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यह बात बुधवार को आयोजित बैठक में अध्यक्ष सुदामा राम मेहता ने कही। पेंशनर कल्याण संघ खंड रामपुर की बैठक संघ के अध्यक्ष सुदामा राम मेहता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशनरों ने लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ और अन्य मांगों का समाधान न होने पर प्रदेश सरकार के प्रति रोष जताया। पेंशनरों ने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से उन्हें केवल आश्वासन मिल रहे हैं और लंबित देय राशि के भुगतान के लिए फंड की कमी का हवाला दिया जा रहा है। संघ के अध्यक्ष सुदामा राम मेहता ने कहा कि सरकार के पास अन्य कार्यों और नियुक्तियों के लिए धन की कमी नहीं है लेकिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जायज वित्तीय लाभ जारी करने के समय बार-बार आर्थिक संकट का हवाला दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेतों की नियुक्तियों और निगमों व बोर्डों में मित्रों की नियुक्तियों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से सरकार पेंशनरों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देती आ रही है। वर्ष 2022 की आपदा के दौरान प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पेंशनरों ने सरकार की परिस्थितियों को समझा लेकिन उनकी लंबित मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मेहता ने कहा कि सरकार के पास अब करीब डेढ़ वर्ष का समय है। यदि इस अवधि में पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार को पेंशनरों के सहयोग की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने हक के लाभ प्राप्त किए बिना ही दुनिया से विदा हो चुके हैं। बैठक में पेंशनरों ने कहा कि 15 अगस्त को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सरकार से काफी उम्मीदें थीं लेकिन सरकार की ओर से जो दिया गया, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। संघ ने प्रदेश सरकार से लंबित वित्तीय लाभों सहित अन्य मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। इस मौके पर महासचिव कृष्ण कुमार शर्मा, बीआर भंडारी, दीवान चौहान और मोहन लाल सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। यदि सरकार जल्द पेंशनरों की मांगें पूरी नहीं करेगी तो आगामी चुनाव में सरकार को पेंशनरों का साथ नहीं मिलेगा। सरकार को 2027 के चुनावी परिणाम भुगतने होंगे। लंबे समय से पेंशनर सरकार के समक्ष अपनी मांगें उठाते आए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यह बात बुधवार को आयोजित बैठक में अध्यक्ष सुदामा राम मेहता ने कही। पेंशनर कल्याण संघ खंड रामपुर की बैठक संघ के अध्यक्ष सुदामा राम मेहता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशनरों ने लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ और अन्य मांगों का समाधान न होने पर प्रदेश सरकार के प्रति रोष जताया। पेंशनरों ने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से उन्हें केवल आश्वासन मिल रहे हैं और लंबित देय राशि के भुगतान के लिए फंड की कमी का हवाला दिया जा रहा है। संघ के अध्यक्ष सुदामा राम मेहता ने कहा कि सरकार के पास अन्य कार्यों और नियुक्तियों के लिए धन की कमी नहीं है लेकिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जायज वित्तीय लाभ जारी करने के समय बार-बार आर्थिक संकट का हवाला दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेतों की नियुक्तियों और निगमों व बोर्डों में मित्रों की नियुक्तियों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से सरकार पेंशनरों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देती आ रही है। वर्ष 2022 की आपदा के दौरान प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पेंशनरों ने सरकार की परिस्थितियों को समझा लेकिन उनकी लंबित मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मेहता ने कहा कि सरकार के पास अब करीब डेढ़ वर्ष का समय है। यदि इस अवधि में पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार को पेंशनरों के सहयोग की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने हक के लाभ प्राप्त किए बिना ही दुनिया से विदा हो चुके हैं। बैठक में पेंशनरों ने कहा कि 15 अगस्त को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सरकार से काफी उम्मीदें थीं लेकिन सरकार की ओर से जो दिया गया, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। संघ ने प्रदेश सरकार से लंबित वित्तीय लाभों सहित अन्य मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। इस मौके पर महासचिव कृष्ण कुमार शर्मा, बीआर भंडारी, दीवान चौहान और मोहन लाल सहित कई अन्य मौजूद रहे।