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नौ हजार किलो बिक रही गुच्छी
Updated Mon, 30 Apr 2018 09:50 PM IST
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एक हफ्ते में दो हजार रुपये बढ़े दाम
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो।
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रोहड़ू।
राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले के दौरान इस साल गुच्छी के दाम नौ हजार रुपए प्रति किलो तक की पहुंच गए हैं। मेले के लिए गुच्छी के दाम में बीते पंद्रह दिनों में दो हजार रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। सर्दियों में कम हिमपात के कारण इस साल बाजार में अनुमान से कम गुच्छी पहुंच रही है। आने वाले पांच दिनों में गुच्छी के दाम में बढ़ोतरी की संभावना कम है।
इस साल अप्रैल के शुरू में गुच्छी के दाम करीब सात रुपए प्रति किलो से शुरू हुए थे। मार्च में गुच्छी के दाम पांच हजार रुपये किलो थे। यानी मेले के दौरान दो हजार रुपये एक सप्ताह में दाम बढ़े हैं। जबकि रोहड़ू मेले में पिछले साल दस हजार और इससे पहले साल चौदह हजार रुपए प्रति किलो तक गुच्छी बाजार में बिकी। इस बार बाजार में कम गुच्छी पहुंचने के कारण दुकानदारों का कारोबार भी खास तेज नहीं रहा। इस बार सर्दियों में कम हिमपात, कम बारिश के कारण गुच्छी की पैदावार पिछले साल की तुलना कम रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग गुच्छी जंगलों में तलाश कर सूखाने के बाद बिक्री के लिए बाजार लाते हैं।
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राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में गुच्छी का हर साल करोड़ों में कारोबार होता है। गुच्छी मार्च महीने से निकलनी शुरू होती है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुच्छी तलाश कर दो महीने अच्छा रोजगार मिलता है। अधिकांश गुच्छी विदेशों को निर्यात होती है। गुच्छी को कई दवाओं में भी प्रयोग किया जाता है। गुच्छी के कारोबार की रोहड़ू मेले में अलग पहचान है।
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