{"_id":"5cb74f9bbdec2223512db0c4","slug":"155551741119-rampur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भावावैली में ऐतिहासिक विशू मेले की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भावावैली में ऐतिहासिक विशू मेले की धूम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले की भावावैली में ऐतिहासिक विशू मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले के दौरान स्थानीय लोगों ने अपने ईष्ट देवता के समक्ष शीश नवाया। काफनू मंदिर में देवता कामशू नारायण की ओर से देवलुओं और स्थानीय लोगों के साथ नाच गाने का खूब मनोरंजन किया। मेले की समाप्ति के बाद ग्रामीण खेतों में बिजाई करने में जुट जाते हैं।
लोग मेले को आज के बदलते दौर में भी पारंपरिक तरीके से मनाते हैं। खास कर महिलाएं किन्नौरी परिधान में सज-धज मंदिर पहुंचती हैं। मान्यता है कि विशू मेले में लोग अपने ईष्ट देवता से आगामी उम्दा फसल की कामना करते हैं, जिसको देवता पूरा भी करते हैं। विशू मेले के एक दिन पहले गांव में लागू किए जाने वाले कायदे कानून के बारे में भी विचार-विमर्श किया जाता है।
विज्ञापन
इस दिन पुराने कायदे कानून को लागू करने या उसे बदल कर नया लागू करने का फैसला भी लिया जाता है, जिसे ग्रामीण पूरे साल भर मानते हैं। विशू मेले में मंदिर में देवलुओं की ड्यूटी भी पुराने रिवाज के हिसाब में बदली जाती है।
विज्ञापन
हर साल विशू के बाद देवलु बदले जाते हैं। काफनू में विशू मेले में लोग किन्नौरी वाद्य यंत्रों की थाप पर खूब झूमते हैं। वैसे तो किन्नौर के हर गांव में मेले त्योहार साल भर आयोजित होते हैं, लेकिन विशू मेला गर्मियों का मौसम होते ही पहला मेला होता है। ऐसे में लोग इसे बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।