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विभाग के अधीन किए जाएं जलरक्षक
Updated Tue, 20 Feb 2018 09:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
हिमाचल प्रदेश जलरक्षक यूनियन की खंड स्तरीय बैठक रामपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्ष यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने की। इसमें जलरक्षकों की कार्यप्रणाली और स्थायी नीति बनाने मामलों पर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि जलरक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द मुख्यमंत्री और आईपीएच मंत्री से मिलेंगे और उनके समक्ष मांगें भी रखेंगे।
यूनियन ने मांग की है कि जलरक्षकों को पंचायत से हटा कर आईपीएच विभाग के अधीन करना, पांच वर्ष पूरा कर चुके जलरक्षकों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बनाए, दस वर्षों का कार्य काल पूरा कर चुके जलरक्षकों को नियमित करें, जलरक्षकों का मासिक मानदेय विभाग सीधा खाते में दे। जलरक्षक पिछले 11 वर्षों से पंचायत के माध्यम से आईपीएच विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। इतना ही नहीं जलरक्षक आठ से दस घंटे तक काम कर रहे। इसके बावजूद उनको 1700 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। कई बार मानदेय समय पर नहीं मिल रहा। ऐसे में प्रदेश के सभी जलरक्षकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द जलरक्षक यूनियन कार्यकारिणी कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष शिमला जाएंगे। इस दौरान सिंघी राम, यशवंत सिंह, हरबंस कुमार, लायक राम, भगत राम, रमेश चंद, धर्मपाल, राजकुमार, राज कमल, मुकुंद लाल, संजीव कुमार, संदीप नेगी, डिंपल नेगी, चेत राम, कपिल देव, भजन दास, रोशन लाल, तारामणि, सत्या देवी, साहिल, कुलदीप, राजीव, केवल राम, भाऊ राम, नंदलाल, पवन कुमार, देवेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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रामपुर बुशहर।
हिमाचल प्रदेश जलरक्षक यूनियन की खंड स्तरीय बैठक रामपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्ष यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने की। इसमें जलरक्षकों की कार्यप्रणाली और स्थायी नीति बनाने मामलों पर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि जलरक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द मुख्यमंत्री और आईपीएच मंत्री से मिलेंगे और उनके समक्ष मांगें भी रखेंगे।
यूनियन ने मांग की है कि जलरक्षकों को पंचायत से हटा कर आईपीएच विभाग के अधीन करना, पांच वर्ष पूरा कर चुके जलरक्षकों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बनाए, दस वर्षों का कार्य काल पूरा कर चुके जलरक्षकों को नियमित करें, जलरक्षकों का मासिक मानदेय विभाग सीधा खाते में दे। जलरक्षक पिछले 11 वर्षों से पंचायत के माध्यम से आईपीएच विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। इतना ही नहीं जलरक्षक आठ से दस घंटे तक काम कर रहे। इसके बावजूद उनको 1700 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। कई बार मानदेय समय पर नहीं मिल रहा। ऐसे में प्रदेश के सभी जलरक्षकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द जलरक्षक यूनियन कार्यकारिणी कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष शिमला जाएंगे। इस दौरान सिंघी राम, यशवंत सिंह, हरबंस कुमार, लायक राम, भगत राम, रमेश चंद, धर्मपाल, राजकुमार, राज कमल, मुकुंद लाल, संजीव कुमार, संदीप नेगी, डिंपल नेगी, चेत राम, कपिल देव, भजन दास, रोशन लाल, तारामणि, सत्या देवी, साहिल, कुलदीप, राजीव, केवल राम, भाऊ राम, नंदलाल, पवन कुमार, देवेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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