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Mandi News: ट्रायल रहा विफल, दोपहर 2 बजे शुरू हुई निगम की बैठक, शाम 7 बजे हुई समाप्त
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भविष्य में सुबह 11 बजे ही आयोजित होंगी बैठकें, देरी के कारण कर्मचारियों और पार्षदों को हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के इतिहास में पहली बार साधारण बैठक का आयोजन दोपहर 2 बजे किया गया, लेकिन यह नया प्रयोग सफल नहीं हो सका। पार्षदों की सहमति से ट्रायल के तौर पर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक बैठक निपटाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, एजेंडों पर विस्तृत चर्चा के चलते बैठक रात करीब 7 बजे समाप्त हुई।
बैठक में कुल 24 एजेंडे शामिल थे। इन पर लंबी चर्चा के कारण शाम 5:30 बजे तक केवल सात एजेंडों पर ही विचार-विमर्श हो सका। किसी एक विषय पर चार से पांच पार्षदों के अपनी राय रखने के चलते शाम 5 बजे तक बैठक समाप्त करना पार्षदों के अपने ही निर्णय के लिए बड़ी चुनौती बन गया।बैठक देर तक चलने के कारण कर्मचारियों और पार्षदों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वीरवार को सायर उत्सव की छुट्टी होने के चलते कई कर्मचारी समय पर अपने घर या गांव नहीं जा सके। वहीं, देर रात बैठक समाप्त होने के कारण कुछ महिला पार्षदों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए महापौर को अपनी गाड़ी की व्यवस्था करनी पड़ी।
इस अनुभव के बाद महापौर सुमन ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पार्षदों के सुझाव पर दोपहर 2 बजे बैठक आयोजित करने का फैसला महज ट्रायल के तौर पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य में नगर निगम की सभी साधारण बैठकें अपने पूर्व निर्धारित समय यानी सुबह 11 बजे ही आयोजित की जाएंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के इतिहास में पहली बार साधारण बैठक का आयोजन दोपहर 2 बजे किया गया, लेकिन यह नया प्रयोग सफल नहीं हो सका। पार्षदों की सहमति से ट्रायल के तौर पर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक बैठक निपटाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, एजेंडों पर विस्तृत चर्चा के चलते बैठक रात करीब 7 बजे समाप्त हुई।
बैठक में कुल 24 एजेंडे शामिल थे। इन पर लंबी चर्चा के कारण शाम 5:30 बजे तक केवल सात एजेंडों पर ही विचार-विमर्श हो सका। किसी एक विषय पर चार से पांच पार्षदों के अपनी राय रखने के चलते शाम 5 बजे तक बैठक समाप्त करना पार्षदों के अपने ही निर्णय के लिए बड़ी चुनौती बन गया।बैठक देर तक चलने के कारण कर्मचारियों और पार्षदों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वीरवार को सायर उत्सव की छुट्टी होने के चलते कई कर्मचारी समय पर अपने घर या गांव नहीं जा सके। वहीं, देर रात बैठक समाप्त होने के कारण कुछ महिला पार्षदों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए महापौर को अपनी गाड़ी की व्यवस्था करनी पड़ी।
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इस अनुभव के बाद महापौर सुमन ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पार्षदों के सुझाव पर दोपहर 2 बजे बैठक आयोजित करने का फैसला महज ट्रायल के तौर पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य में नगर निगम की सभी साधारण बैठकें अपने पूर्व निर्धारित समय यानी सुबह 11 बजे ही आयोजित की जाएंगी।
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