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Mandi News: पांचवें दिन भरा सड़क पर बना गड्ढा, टनल को कोई नुकसान नहीं
Tue, 24 Sep 2024 09:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 24 Sep 2024 09:04 AM IST
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पंडोह (मंडी)। डयोड टनल के ऊपर जमीन धंसने से सड़क पर बने गड्ढे को पांच दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को पूरी तरह से भर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आई है कि जमीन धंसने से टनल को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सोमवार को एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर, आईआईटी और एनएचएआई के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर वास्तुस्थिति का जायजा लिया।
यह टीम टनल के अंदर भी गई और पाया कि धंसी हुई जमीन से टनल को अंदरूनी तौर पर फिलहाल कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गड्ढे को भरने के लिए शाहपूरजी-पलौनजी और एफकॉन्स कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की। इस गड्ढे को भरने के लिए 110 टिपर पत्थर और 30 टीएम कंक्रीट के डालने पड़े हैं। पांच दिन की मशक्कत के बाद गड्ढा सोमवार को पूरी तरह से भर दिया गया है।
अब इस पर सरिया और सीमेंट डालकर कंक्रीटिंग की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सड़क को यातायात के लिए बहाल किया जा सके। स्थानीय ग्राम पंचायत हटौण की प्रधान रोशनी देवी सहित डयोड गांव के लोगों ने प्रभावितों ने सरकार व प्रशासन से उनके हुए नुकसान पर मुआवजा अदा करने की गुहार लगाई है। प्रभावित हरदेव शर्मा ने बताया कि इस घटना से लोगों को अपने घर खाली करने पड़े हैं। वह किराए के कमरों में रहने को मजबूर हुए हैं। टनल निर्माण से उनके गांव के सभी जल स्रोत सूख गए हैं। ऐसे में गांव के लिए पानी की भी उचित व्यवस्था की जाए।
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उधर, कार्यकारी एसडीएम सदर असीम सूद ने बताया कि आईआईटी से आई विशेषज्ञों की टीम ने मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर ली है। भविष्य में इनकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने टनल के अंदर पाया कि धंसी हुई जमीन से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
आईआईटी मंडी, एसडीएम सदर समेत अन्य विशेषज्ञों की टीम ने डयोड टनल के ऊपर धंसी हुई जमीन को लेकर दौरा किया है। जांच में सामने आया है कि टनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आईआईटी मंडी की ओर से मांगे आवश्यक दस्तावेज उन्हें दे दिए जाएंगे।
-वरूण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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यह टीम टनल के अंदर भी गई और पाया कि धंसी हुई जमीन से टनल को अंदरूनी तौर पर फिलहाल कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गड्ढे को भरने के लिए शाहपूरजी-पलौनजी और एफकॉन्स कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की। इस गड्ढे को भरने के लिए 110 टिपर पत्थर और 30 टीएम कंक्रीट के डालने पड़े हैं। पांच दिन की मशक्कत के बाद गड्ढा सोमवार को पूरी तरह से भर दिया गया है।
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अब इस पर सरिया और सीमेंट डालकर कंक्रीटिंग की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सड़क को यातायात के लिए बहाल किया जा सके। स्थानीय ग्राम पंचायत हटौण की प्रधान रोशनी देवी सहित डयोड गांव के लोगों ने प्रभावितों ने सरकार व प्रशासन से उनके हुए नुकसान पर मुआवजा अदा करने की गुहार लगाई है। प्रभावित हरदेव शर्मा ने बताया कि इस घटना से लोगों को अपने घर खाली करने पड़े हैं। वह किराए के कमरों में रहने को मजबूर हुए हैं। टनल निर्माण से उनके गांव के सभी जल स्रोत सूख गए हैं। ऐसे में गांव के लिए पानी की भी उचित व्यवस्था की जाए।
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उधर, कार्यकारी एसडीएम सदर असीम सूद ने बताया कि आईआईटी से आई विशेषज्ञों की टीम ने मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर ली है। भविष्य में इनकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने टनल के अंदर पाया कि धंसी हुई जमीन से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
आईआईटी मंडी, एसडीएम सदर समेत अन्य विशेषज्ञों की टीम ने डयोड टनल के ऊपर धंसी हुई जमीन को लेकर दौरा किया है। जांच में सामने आया है कि टनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आईआईटी मंडी की ओर से मांगे आवश्यक दस्तावेज उन्हें दे दिए जाएंगे।
-वरूण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।