{"_id":"6aa00f02d68255fba0052979","slug":"pendency-of-revenue-cases-reduced-by-more-than-22-percent-mandi-news-c-90-1-ssml1045-212500-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: राजस्व के लंबित मामलों में 22 प्रतिशत से अधिक की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: राजस्व के लंबित मामलों में 22 प्रतिशत से अधिक की कमी
विज्ञापन
लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए चलाए गए अभियान के सकारात्मक परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला प्रशासन मंडी के विशेष अभियान के तहत मार्च से अगस्त 2026 तक राजस्व न्यायालयों में 4,217 मामलों का निस्तारण किया गया। इससे लंबित मामलों में 1,257 की कमी आई और मार्च की तुलना में करीब 22.3 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई। इस अवधि में जिले में 19,865 इंतकाल भी किए गए। मार्च 2026 में 5,644 मामले लंबित थे। इस दौरान 2,960 नए मामले दर्ज होने के बाद कुल कार्यभार 8,604 तक पहुंचा, जिसमें से 4,217 मामलों का निपटारा कर अगस्त के अंत तक लंबित मामलों की संख्या 4,387 कर दी गई। राजस्व अभिलेखों की दुरुस्ती के 1,009 मामलों में से 906 का निस्तारण हुआ। लंबित मामले 392 से घटकर 103 रह गए। वहीं, खानगी तकसीम के 319 में से 242 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा हुक्मी तकसीम के 1,080, निशानदेही एवं सीमांकन के 1,851 तथा अतिक्रमण के 138 मामलों का निस्तारण किया गया। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि लंबित मामलों में कमी टीम भावना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही का परिणाम है।
सीमांकन और बंटवारे के मामलों पर रहेगा विशेष ध्यान
अगस्त के अंत तक सीमांकन एवं निशानदेही के 2,363 और हुक्मी तकसीम के 1,421 मामले लंबित हैं। ये दोनों श्रेणियां कुल लंबित मामलों का करीब 86 प्रतिशत हैं। इनके लिए विशेष सुनवाई कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। अतिक्रमण के 423 लंबित मामलों की भी समीक्षा होगी, जिनमें 219 मामले एक वर्ष से अधिक पुराने हैं। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला प्रशासन मंडी के विशेष अभियान के तहत मार्च से अगस्त 2026 तक राजस्व न्यायालयों में 4,217 मामलों का निस्तारण किया गया। इससे लंबित मामलों में 1,257 की कमी आई और मार्च की तुलना में करीब 22.3 प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई। इस अवधि में जिले में 19,865 इंतकाल भी किए गए। मार्च 2026 में 5,644 मामले लंबित थे। इस दौरान 2,960 नए मामले दर्ज होने के बाद कुल कार्यभार 8,604 तक पहुंचा, जिसमें से 4,217 मामलों का निपटारा कर अगस्त के अंत तक लंबित मामलों की संख्या 4,387 कर दी गई। राजस्व अभिलेखों की दुरुस्ती के 1,009 मामलों में से 906 का निस्तारण हुआ। लंबित मामले 392 से घटकर 103 रह गए। वहीं, खानगी तकसीम के 319 में से 242 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा हुक्मी तकसीम के 1,080, निशानदेही एवं सीमांकन के 1,851 तथा अतिक्रमण के 138 मामलों का निस्तारण किया गया। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि लंबित मामलों में कमी टीम भावना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही का परिणाम है।
सीमांकन और बंटवारे के मामलों पर रहेगा विशेष ध्यान
अगस्त के अंत तक सीमांकन एवं निशानदेही के 2,363 और हुक्मी तकसीम के 1,421 मामले लंबित हैं। ये दोनों श्रेणियां कुल लंबित मामलों का करीब 86 प्रतिशत हैं। इनके लिए विशेष सुनवाई कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। अतिक्रमण के 423 लंबित मामलों की भी समीक्षा होगी, जिनमें 219 मामले एक वर्ष से अधिक पुराने हैं। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा।
विज्ञापन