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शराब पीने पर कटेगा आईआरडीपी/बीपीएल से नाम
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मंडी। जिले के संधोल क्षेत्र की नेरी पंचायत ने फर्जी आईआरडीपी/बीपीएल परिवारों पर शिकंजा कसने के लिए अनूठा फैसला लिया है।
ग्रामसभा में निर्णय किया गया कि यदि कोई भी आईआरडीपी/बीपीएल में चयनित पात्र व्यक्ति शराब पीकर नशे में धुत मिला या पात्र परिवार ने अपने बच्चे को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाया तो किसी नोटिस के बिना उसका नाम आईआरडीपी/बीपीएल से काट दिया जाएगा।
पंचायत ने यह निर्णय भी किया कि बीपीएल में चयनित परिवारों को मनरेगा के तहत मजदूरी करना भी अनिवार्य होगा। अगर कोई भी परिवार ऐसा नहीं करता है तो उस परिवार को भी अपात्र मान कर बाहर कर दिया जाएगा। यह बैठक पंचायत प्रधान सुमन जम्वाल की अध्यक्षता में हुई। प्रधान के इस निर्णय पर अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपनी लिखित सहमति जताई है।
पंचायत प्रधान सुमन जम्वाल ने बताया कि यह निर्णय ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए किया गया है जो आईआरडीपी में शामिल होने के लिए गरीब बने रहते है। शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं और जिनके बच्चे निजी स्कूलों में भारी भरकम फीस देकर पढ़ते हैं। पंचायत चयनित आईआरडीपी/बीपीएल परिवारों का सर्वे करेगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी जानेगी।
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उधर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने पंचायत के इस फैसले की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के निर्णय अगर पंचायतें लें तो आईआरडीपी परिवारों का चयन पारदर्शी से होगा। उसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं पाई जाएगी। संवाद
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ग्रामसभा में निर्णय किया गया कि यदि कोई भी आईआरडीपी/बीपीएल में चयनित पात्र व्यक्ति शराब पीकर नशे में धुत मिला या पात्र परिवार ने अपने बच्चे को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाया तो किसी नोटिस के बिना उसका नाम आईआरडीपी/बीपीएल से काट दिया जाएगा।
पंचायत ने यह निर्णय भी किया कि बीपीएल में चयनित परिवारों को मनरेगा के तहत मजदूरी करना भी अनिवार्य होगा। अगर कोई भी परिवार ऐसा नहीं करता है तो उस परिवार को भी अपात्र मान कर बाहर कर दिया जाएगा। यह बैठक पंचायत प्रधान सुमन जम्वाल की अध्यक्षता में हुई। प्रधान के इस निर्णय पर अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपनी लिखित सहमति जताई है।
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पंचायत प्रधान सुमन जम्वाल ने बताया कि यह निर्णय ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए किया गया है जो आईआरडीपी में शामिल होने के लिए गरीब बने रहते है। शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं और जिनके बच्चे निजी स्कूलों में भारी भरकम फीस देकर पढ़ते हैं। पंचायत चयनित आईआरडीपी/बीपीएल परिवारों का सर्वे करेगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी जानेगी।
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उधर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने पंचायत के इस फैसले की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के निर्णय अगर पंचायतें लें तो आईआरडीपी परिवारों का चयन पारदर्शी से होगा। उसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं पाई जाएगी। संवाद