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चरस रखने का अभियोग साबित न होने पर आरोपी बरी
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मंडी। चरस के साथ पकड़े जाने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने एक आरोपी को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने नई दिल्ली के करोल बाग निवासी मनदीप सिंह पुत्र कुलविंदर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित न होने पर उसे बरी करने का फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार औट थाना पुलिस दल ने 24 जनवरी 2016 को झलोगी में नाका लगाया था। इस दौरान आरोपी बैग उठाए आ रहा था। पुलिस को देख वह घबरा गया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उससे दो पैकेट बरामद हुए।
इन पैकेटों में 260 ग्राम चरस मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर अभियोग चलाया। अदालत ने फैसले में कहा कि मामले में एनडीपीएस की धारा 50 के प्रावधानों के तहत तलाशी नहीं ली गई है। इसके चलते अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित नहीं हुआ है। ऐसे में उसे बरी कर दिया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष के अनुसार औट थाना पुलिस दल ने 24 जनवरी 2016 को झलोगी में नाका लगाया था। इस दौरान आरोपी बैग उठाए आ रहा था। पुलिस को देख वह घबरा गया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उससे दो पैकेट बरामद हुए।
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इन पैकेटों में 260 ग्राम चरस मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर अभियोग चलाया। अदालत ने फैसले में कहा कि मामले में एनडीपीएस की धारा 50 के प्रावधानों के तहत तलाशी नहीं ली गई है। इसके चलते अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित नहीं हुआ है। ऐसे में उसे बरी कर दिया है। संवाद
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