संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार का पलदी फागली उत्सव शनिवार को कोरोना बंदिशों के बीच मनाया गया। थाटीबीड़ में पलदी फागली को धूमधाम से मनाया। देवता बासुकी नाग और करथा नाग आदि देवी-देवताओं को समर्पित फागली मकर संक्रांति की शाम को देवता की कोठी से शुरू हुआ।
रात भर चले आयोजन के बाद शनिवार को दूसरे दिन ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में सजकर आया एक दल देवता संग नाचता है। उन्होंने अश्लील गालियां देकर क्षेत्र से बुरी शक्तियों को भगाया। लोग मुखौटे लगाकर तथा शारूली नामक घास के कपड़े पहनकर आए। यह दल एक गांव से दूसरे गांव तक मंडयाल नृत्य करते हुए जाते हैं और बाद में गांव थाटीबीड़ के खुले परिसर में एकत्रित हो जाते हैं। जहां बीठ का आयोजन होता है। नाचते-नाचते फूलों से बने बीठ को एक विशेष स्थान से फेंका जाता है। मान्यता है कि इस बीठ को जो ग्रहण करता है, उसकी मनोकामना एक साल में पूरी हो जाती है। थाटीबीड़ पंचायत के प्रधान दीवान सिंह, गूर लजे राम, कारदार तुलसी राम, धामी परस राम, भंडारी नोक सिंह, कमेटी के सदस्य चमन लाल का कहना है कि हर साल फागली उत्सव को देवी-देवताओं के अनुसार मनाया जाता है। कहा कि कई वर्षों से चली आ रही परंपरा को इस बार कोरोना नियमों के तहत सूक्ष्म तरीके से निभाया गया।