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Kullu News: ऑटो यूनियन का कार्यालय हटाने पर पदाधिकारी तल्ख, डीसी कार्यालय पहुंचे
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कुल्लू। संगम गुड्स कैरियर ऑटो यूनियन भुंतर के कार्यालय के लिए बनाए गए शेड को उखाड़े जाने पर यूनियन पदाधिकारी तल्ख हो गए हैं। मामले को लेकर यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के पूर्व प्रधान रूम सिंह, प्रधान झावे राम, उपप्रधान तारा चंद, सचिव वीरेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष पुष्पराज शामिल रहे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की अनुमति से उन्हें कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई थी। इसके बाद तत्कालीन विधायक महेश्वर सिंह ने मौके पर कार्यालय का उद्घाटन भी किया था।
पदाधिकारियों का कहना है कि उस समय प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। ऐसे में अब अचानक कार्यालय को अवैध बताकर उखाड़े जाने का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की अनुमति से उनकी यूनियन के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई थी, उसी क्षेत्र में ट्रक यूनियन, जीप यूनियन और सवारी ढोने वाले ऑटो यूनियन की पार्किंग और कार्यालय भी बने हुए हैं। यदि उनकी यूनियन का कार्यालय अवैध है तो अन्य यूनियनों के कार्यालयों और पार्किंग को लेकर भी समान कार्रवाई की जानी चाहिए।
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यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केवल गुड्स कैरियर ऑटो यूनियन के कार्यालय को निशाना बनाया जाना उचित नहीं है। पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी यूनियन में करीब 300 सामान ढोने वाले ऑटो हैं। कार्यालय और शेड हटाए जाने से इन वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते बुधवार को भुंतर में जेसीबी के माध्यम से सामान ढोने वाले ऑटो यूनियन के कार्यालय और कुछ अन्य शेड हटाए गए थे। संवाद
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प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के पूर्व प्रधान रूम सिंह, प्रधान झावे राम, उपप्रधान तारा चंद, सचिव वीरेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष पुष्पराज शामिल रहे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की अनुमति से उन्हें कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई थी। इसके बाद तत्कालीन विधायक महेश्वर सिंह ने मौके पर कार्यालय का उद्घाटन भी किया था।
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पदाधिकारियों का कहना है कि उस समय प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। ऐसे में अब अचानक कार्यालय को अवैध बताकर उखाड़े जाने का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की अनुमति से उनकी यूनियन के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई थी, उसी क्षेत्र में ट्रक यूनियन, जीप यूनियन और सवारी ढोने वाले ऑटो यूनियन की पार्किंग और कार्यालय भी बने हुए हैं। यदि उनकी यूनियन का कार्यालय अवैध है तो अन्य यूनियनों के कार्यालयों और पार्किंग को लेकर भी समान कार्रवाई की जानी चाहिए।
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यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केवल गुड्स कैरियर ऑटो यूनियन के कार्यालय को निशाना बनाया जाना उचित नहीं है। पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी यूनियन में करीब 300 सामान ढोने वाले ऑटो हैं। कार्यालय और शेड हटाए जाने से इन वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते बुधवार को भुंतर में जेसीबी के माध्यम से सामान ढोने वाले ऑटो यूनियन के कार्यालय और कुछ अन्य शेड हटाए गए थे। संवाद