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बर्फ में फंसे लोगों के लिए खेवनहार बनी रेस्क्यू टीम
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:23 PM IST
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rescue team
- फोटो : amar ujala
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अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)।
बर्फबारी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने वाले रेस्क्यू टीम के सदस्यों की जांबाजी की चर्चा है। फंसे लोगों ने सुरक्षित निकलने के बाद कहा कि रेस्क्यू टीम सदस्यों ने जो जज्बा दिखाया है, वह काबिलेतारीफ है। माइनस तापमान में फंसे लोगों का निकलना मुश्किल था लेकिन रेस्क्यू दल के सदस्यों की हिम्मत के कारण वह आज सुरक्षित स्थानों पर पहुंच पाए हैं।
घाटी में फंसे सैकड़ों लोगों को बाहर निकालने को रोहतांग दर्रा के आसपास पिछले तीन दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन से प्रशासन भी बेहद उत्साहित है। उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने बीआरओ के साथ कोकसर और मढ़ी में तैनात रेस्क्यू टीम की पीठ थपथपाई है। बीते वीरवार को लाहौल से मनाली जा रहे 100 से अधिक वाहन ग्रांफू में फंस गए। वाहनों को निकालने के लिए दल के सदस्य हाथों से मिट्टी उठा कर जमी बर्फ में फेंकते रहे ताकि वहां फंसे वाहन निकल सके।
इस दौरान ठंड के कारण टीम के कई सदस्यों की अंगुलियों और हथेली का मांस तक फट गया। एसडीएम केलांग कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि कोकसर रेस्क्यू टीम में 9 जांबाज तैनात हैं जबकि आपदा प्रबंधन के दो कर्मी भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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सुरक्षित निकले यात्री राजेश, सुनील, राजू, दोरजे, हरीश, प्रेम, रूप चंद ने कहा कि रेस्क्यू टीम की मदद के बगैर घाटी से निकलना संभव नहीं था। जिप सदस्य तंजिन करपा, सिस्सू पंचायत प्रधान सुमन और कोकसर प्रधान अंजू ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डाल कर जांबाजों ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई है।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)।
बर्फबारी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने वाले रेस्क्यू टीम के सदस्यों की जांबाजी की चर्चा है। फंसे लोगों ने सुरक्षित निकलने के बाद कहा कि रेस्क्यू टीम सदस्यों ने जो जज्बा दिखाया है, वह काबिलेतारीफ है। माइनस तापमान में फंसे लोगों का निकलना मुश्किल था लेकिन रेस्क्यू दल के सदस्यों की हिम्मत के कारण वह आज सुरक्षित स्थानों पर पहुंच पाए हैं।
घाटी में फंसे सैकड़ों लोगों को बाहर निकालने को रोहतांग दर्रा के आसपास पिछले तीन दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन से प्रशासन भी बेहद उत्साहित है। उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने बीआरओ के साथ कोकसर और मढ़ी में तैनात रेस्क्यू टीम की पीठ थपथपाई है। बीते वीरवार को लाहौल से मनाली जा रहे 100 से अधिक वाहन ग्रांफू में फंस गए। वाहनों को निकालने के लिए दल के सदस्य हाथों से मिट्टी उठा कर जमी बर्फ में फेंकते रहे ताकि वहां फंसे वाहन निकल सके।
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इस दौरान ठंड के कारण टीम के कई सदस्यों की अंगुलियों और हथेली का मांस तक फट गया। एसडीएम केलांग कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि कोकसर रेस्क्यू टीम में 9 जांबाज तैनात हैं जबकि आपदा प्रबंधन के दो कर्मी भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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सुरक्षित निकले यात्री राजेश, सुनील, राजू, दोरजे, हरीश, प्रेम, रूप चंद ने कहा कि रेस्क्यू टीम की मदद के बगैर घाटी से निकलना संभव नहीं था। जिप सदस्य तंजिन करपा, सिस्सू पंचायत प्रधान सुमन और कोकसर प्रधान अंजू ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डाल कर जांबाजों ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई है।
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