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Kullu News: सीमा नहीं रोक सकी सेवा की राह, कुल्लू से असम पहुंची वंशिका
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जिला के बजौरा की रहने वाली वंशिका ने सेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए असम के बाढ़ प्रभावित
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कुल्लू। जिले की बेटी वंशिका ने सेवा और मानवता की मिसाल पेश की है। बजौरा की रहने वाली वंशिका ने असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए करीब 68 हजार रुपये जुटाए। इसके बाद वह कुल्लू से अकेले करीब दो दिन की लंबी रेल यात्रा कर असम पहुंचीं। वहां छह दिनों तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच रहकर उन्हें जरूरत का सामान वितरित किया।
वंशिका ने बताया कि नॉर्थईस्ट क्षेत्र से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है। वह एनएसएस से जुड़ी हैं और पहले भी नॉर्थईस्ट की यात्रा कर चुकी हैं। इसी दौरान असम उनके मन में बस गया। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर बनने और दूसरों की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें अपनी मां और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपाली अशोक से मिली।
उनके मार्गदर्शन और विश्वास ने ही उन्हें अकेले इतना लंबा सफर तय करने का हौसला दिया। वंशिका ने कहा कि यात्रा उन्होंने भले ही अकेले तय की, लेकिन मां ज्योति सुमन, डॉ. दीपाली अशोक, एनएसएस परिवार, महाविद्यालय और सभी शुभचिंतकों का विश्वास, सहयोग और आशीर्वाद हर कदम पर उनके साथ रहा। वंशिका ने इस पूरी यात्रा को महज सफर नहीं, बल्कि सेवा, साहस, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता का अनुभव बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि देश के किसी भी हिस्से में लोग संकट में हों तो दूरी की परवाह किए बिना सेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति समाज और देश में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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वंशिका ने बताया कि नॉर्थईस्ट क्षेत्र से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है। वह एनएसएस से जुड़ी हैं और पहले भी नॉर्थईस्ट की यात्रा कर चुकी हैं। इसी दौरान असम उनके मन में बस गया। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर बनने और दूसरों की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें अपनी मां और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपाली अशोक से मिली।
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उनके मार्गदर्शन और विश्वास ने ही उन्हें अकेले इतना लंबा सफर तय करने का हौसला दिया। वंशिका ने कहा कि यात्रा उन्होंने भले ही अकेले तय की, लेकिन मां ज्योति सुमन, डॉ. दीपाली अशोक, एनएसएस परिवार, महाविद्यालय और सभी शुभचिंतकों का विश्वास, सहयोग और आशीर्वाद हर कदम पर उनके साथ रहा। वंशिका ने इस पूरी यात्रा को महज सफर नहीं, बल्कि सेवा, साहस, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता का अनुभव बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि देश के किसी भी हिस्से में लोग संकट में हों तो दूरी की परवाह किए बिना सेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति समाज और देश में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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