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Kangra News: नगर निगम को तीन साल बाद भी नहीं मिला स्थायी अधिशासी अभियंता
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला में कामकाज जुगाड़ से ही चल रहा है। स्टाफ की कमी के कारण लोगों को नगर निगम में हर कार्य को जल्द निपटाने और लोगों को सहूलियत देने के दावे हवा साबित हो रहे हैं। तीन साल से अधिक समय से नगर निगम धर्मशाला में अधिशासी अभियंता का पद खाली है। करीब डेढ़ साल पहले हिमुडा के एक्सईएन को नगर निगम धर्मशाला का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इससे पहले लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को नगर निगम का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। इस कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
नगर निगम के पास न तो पर्याप्त संख्या में जेई हैं और न अन्य स्टाफ है। इस वजह से विकास कार्यों के साथ लोगों के काम भी लंबे समय तक लटक रहे हैं। जानकारी के मुताबिक नगर निगम धर्मशाला में काफी पद खाली हैं, जिसमें जेई, डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कई अन्य पद शामिल हैं। इसके लिए नगर निगम की ओर से सरकारों को कई बार लिखा गया कि खाली पदों को भरा जाए, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई प्रदेश सरकार की ओर से नहीं की गई है।
हालांकि, धर्मशाला नगर निगम की मेयर कांग्रेस समर्थित हैं और प्रदेश में सरकार कांग्रेस की है। इसके बावजूद इन खाली पदों को नहीं भरा जा रहा है। इस वजह से नक्शे सहित लोगों के अन्य कार्य लेट हो रहे हैं, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में नगर निगम के कर्मचारियों पर स्टाफ की कमी के कारण बोझ बढ़ गया है। एक कर्मचारी को दो-दो लोगों का कार्य करना पड़ रहा है। इस वजह से कर्मचारी भी काफी परेशान हैं। मौजूदा समय में नगर निगम में पांच जेई हैं, जबकि कुल वार्ड 17 हैं। ऐसे में एक जेई के पास तीन-चार वार्ड का जिम्मा सौंपा गया है।
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स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल करने वाले धर्मशाला शहर में ही सरकार अनदेखी कर रही है, जिसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। 2024 में नगर निगम ने आउटसोर्स पर जेई रखने का निर्णय लिया था, लेकिन आज तक नया जेई निगम को नहीं मिल पाया है।
- प्रदेशभर में अधिशासी अभियंताओं की कमी चल रही है। दो साल से अधिक समय से नगर निगम में स्थायी अधिशासी अभियंता का पद खाली है। उम्मीद है कि जल्द नगर निगम में एक्सईएन और जेई सहित अन्य पद भरे जाएंगे।
- देवेंद्र जग्गी, पूर्व मेयर, नगर निगम धर्मशाला।
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नगर निगम के पास न तो पर्याप्त संख्या में जेई हैं और न अन्य स्टाफ है। इस वजह से विकास कार्यों के साथ लोगों के काम भी लंबे समय तक लटक रहे हैं। जानकारी के मुताबिक नगर निगम धर्मशाला में काफी पद खाली हैं, जिसमें जेई, डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कई अन्य पद शामिल हैं। इसके लिए नगर निगम की ओर से सरकारों को कई बार लिखा गया कि खाली पदों को भरा जाए, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई प्रदेश सरकार की ओर से नहीं की गई है।
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हालांकि, धर्मशाला नगर निगम की मेयर कांग्रेस समर्थित हैं और प्रदेश में सरकार कांग्रेस की है। इसके बावजूद इन खाली पदों को नहीं भरा जा रहा है। इस वजह से नक्शे सहित लोगों के अन्य कार्य लेट हो रहे हैं, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में नगर निगम के कर्मचारियों पर स्टाफ की कमी के कारण बोझ बढ़ गया है। एक कर्मचारी को दो-दो लोगों का कार्य करना पड़ रहा है। इस वजह से कर्मचारी भी काफी परेशान हैं। मौजूदा समय में नगर निगम में पांच जेई हैं, जबकि कुल वार्ड 17 हैं। ऐसे में एक जेई के पास तीन-चार वार्ड का जिम्मा सौंपा गया है।
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स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल करने वाले धर्मशाला शहर में ही सरकार अनदेखी कर रही है, जिसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। 2024 में नगर निगम ने आउटसोर्स पर जेई रखने का निर्णय लिया था, लेकिन आज तक नया जेई निगम को नहीं मिल पाया है।
- प्रदेशभर में अधिशासी अभियंताओं की कमी चल रही है। दो साल से अधिक समय से नगर निगम में स्थायी अधिशासी अभियंता का पद खाली है। उम्मीद है कि जल्द नगर निगम में एक्सईएन और जेई सहित अन्य पद भरे जाएंगे।
- देवेंद्र जग्गी, पूर्व मेयर, नगर निगम धर्मशाला।