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Kangra News: भवारना में भाजपा ने निकाली जन आक्रोश रैली
Wed, 16 Sep 2026 09:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 16 Sep 2026 09:40 AM IST
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भवारना में विधायक विपिन परमार की अगुआई में जन आक्रोश रैली निकालते भाजपा कार्यकर्ता। -स्रोत : सं
भवारना/पालमपुर (कांगड़ा)। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भवारना में प्रदेश सरकार के खिलाफ जन आक्रोश रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की। सुलह के विधायक और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष विपिन सिंह परमार की अगुवाई में निकली इस रैली में स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल, अधूरे विकास कार्यों और सरकारी कार्यालयों को स्थानांतरित करने के विरोध में कड़ा रोष जताया गया।
विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार को अब जनता के सवालों से भागने का रास्ता नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को कई बार उठाया गया, लेकिन जब सदन की आवाज धरातल तक नहीं पहुंची, तो अब जनता की लड़ाई सड़क पर लड़ने का समय आ गया है।
परमार ने आरोप लगाया कि भवारना से जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता कार्यालयों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से आम जनता पर सीधा असर पड़ा है। जिन कामों के लिए पहले स्थानीय स्तर पर सुविधा थी, उसके लिए अब लोगों को दूर-दराज के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीजों को सामान्य इलाज के लिए भी भटकना पड़ रहा है। इलाके में कूहलें और बस रूट भी बंद पड़े हैं। विधायक निधि में कटौती कर सरकार ने स्थानीय विकास की गति को रोक दिया है।
परमार ने कहा कि सुलह की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और यह लड़ाई व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के लिए है। इस मौके पर भवारना, मनसिम्बल, सिहोल, बारी और रूमेहड पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, बीडीसी सदस्य समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार को अब जनता के सवालों से भागने का रास्ता नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को कई बार उठाया गया, लेकिन जब सदन की आवाज धरातल तक नहीं पहुंची, तो अब जनता की लड़ाई सड़क पर लड़ने का समय आ गया है।
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परमार ने आरोप लगाया कि भवारना से जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता कार्यालयों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से आम जनता पर सीधा असर पड़ा है। जिन कामों के लिए पहले स्थानीय स्तर पर सुविधा थी, उसके लिए अब लोगों को दूर-दराज के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीजों को सामान्य इलाज के लिए भी भटकना पड़ रहा है। इलाके में कूहलें और बस रूट भी बंद पड़े हैं। विधायक निधि में कटौती कर सरकार ने स्थानीय विकास की गति को रोक दिया है।
परमार ने कहा कि सुलह की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और यह लड़ाई व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के लिए है। इस मौके पर भवारना, मनसिम्बल, सिहोल, बारी और रूमेहड पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, बीडीसी सदस्य समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।