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समाज स्वार्थी हो गया है, सार्थक लेखन की हो रही उपेक्षा : त्रिलोक

Mon, 20 Apr 2026 08:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 20 Apr 2026 08:49 AM IST
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Society has become selfish, meaningful writing is being neglected: Trilok
पालमपुर (कांगड़ा)। रचना साहित्य एवं कला मंच द्वारा पालमपुर में आयोजित विचार गोष्ठी में साहित्यकारों ने लेखन और प्रकाशन की चुनौतियों पर मंथन किया। कार्यक्रम में त्रिलोक मेहरा ने चिंता जताते हुए कहा कि आज का समाज स्वार्थी हो गया है और सार्थक लेखन की लगातार उपेक्षा कर रहा है।
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गोष्ठी के दौरान प्रो. सरोज परमार और प्रख्यात कथाकार केशव ने संयुक्त रूप से सेवानिवृत्त शिक्षाविद निर्मल फुल्ल की नवप्रकाशित पुस्तक हिमाचल की महान विभूतियां का विमोचन किया। रचना मंच के अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार फुल्ल ने बताया कि इंद्रप्रस्थ प्रकाशन दिल्ली द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में डॉ. यशवंत सिंह परमार, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह, कंगना रनौत सरदार सोभा सिंह, वेद राम ठाकुर, गंभरी देवी सहित 70 से अधिक विभूतियों का परिचय शामिल है।
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डॉ. आशु फुल्ल ने कहा कि गूगल पर बढ़ती निर्भरता से पुस्तकों की प्रासंगिकता कम हो रही है। डॉ. सुशील कुमार फुल्ल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में डॉ. अरविंद ठाकुर और डॉ. अरविंद ने भी साहित्य सृजन की समस्याओं पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि जो शब्द लिखित रूप में आ जाता है, वह ब्रह्मांड की संपत्ति बन जाता है।
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