Kangra News: डॉक्टर की हड़ताल, उपचार के लिए भटकते रहे मरीज
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डॉक्टर की हड़ताल, उपचार के लिए भटकते रहे मरीज
आपातकालीन वार्ड में उपचार के लिए लगी रही लंबी कतार
धर्मशाला अस्पताल में साढ़े तीन बजे तक केवल 104 मरीजों की हुई जांच
सचिन चौधरी/मोहिंद्र सिंह
धर्मशाला। स्थान- क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला। समय सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक। प्रदेश भर में चिकित्सकों की हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। शुक्रवार को जिले के किसी भी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई। केवल आपातकालीन वार्ड में ही मरीजों की जांच की गई। पूरा दिन आपातकालीन वार्ड के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों वाली महिलाओं को हुई।
संवाददाता ने सुबह 10 से 12 बजे तक क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला का दौरा किया। इस दौरान पाया गया कि मरीज इलाज के लिए यहां-वहां घूम रहे थे। अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारी मरीजों और तीमारदारों को समझा रहे थे कि आज चिकित्सकों की हड़ताल है और केवल आपातकालीन वार्ड में ही चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके बाद मरीज आपातकालीन वार्ड के बाहर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
कई माताएं अपने छोटे बच्चों को लेकर लाइनों में अपनी बारी का इंतजार कर रहीं थी। मेडिकल बोर्ड में भी चिकित्सक तैनात न होने से कई लोगों को निराश लौटना पड़ा। वार्ड के बाहर चार सुरक्षा कर्मचारी मरीजों को लाइन में लगा रहे थे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। वहीं, चिकित्सकों की ओर से मरीजों को बार-बार कहा जा रहा था कि केवल ज्यादा जरूरत वाले मरीज ही उपचार के लिए आएं। शुक्रवार को आपातकालीन वार्ड में साढ़े तीन बजे तक केवल 104 मरीजों की ही जांच हो पाई थी, जबकि रोजाना विभिन्न ओपीडी में यह संख्या 800 से 900 तक रहती थी। आपातकालीन वार्ड में लंबी कतारें देख कई मरीज वापस लौट गए और निजी अस्पतालों में जाकर पैसे खर्च कर उपचार करवाना पड़ा। कई मरीजों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। इस कारण वे ओपीडी के बाहर साढ़े 11 बजे तक भी डॉक्टर का इंतजार करते रहे।
उपचार न मिल पाने के कारण कई मरीज हड़ताल के लिए चिकित्सकों को कोसते रहे। लोगों का कहना था कि जब भी कोई विवाद होता है तो इसका खामियाजा केवल जनता को ही झेलना पड़ता है। अस्पताल में डॉक्टर ने बताया कि मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल करनी पड़ी है।
लोगों के बयान...
- पत्नी की जांच के लिए मेडिसिन ओपीडी में आए थे, लेकिन अस्पताल आकर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। इसके बाद बिना जांच की घर को वापस जा रहे हैं। - पप्पू राम, तीमारदार, निवासी चामुंडा
- बीपी-शुगर का चैकअप करवाने के लिए आया था, लेकिन अस्पताल आकर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। आपातकालीन वार्ड में चिकित्सकों ने कहा कि शनिवार या फिर सोमवार को आकर चैेकअप करवा लेना। - गोरखु राम, बनगोटू, मरीज
- आंखाें का ऑपरेशन हुआ है और मुझे शुक्रवार को जांच के लिए बुलाया था। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते आंखों का चेकअप नहीं हो पाया। सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंच गया था, मगर कोई लाभ नहीं हुआ। -प्रकाश चंद, योल, मरीज
- मेरे बच्चे को सर्दी लग गई है, उसका चेकअप करवाने के लिए अस्पताल आई थी। मगर यहां पर बता रहे हैं कि आज डॉक्टर नहीं मिलेंगे। फिर भी लाइन में लग जाओ, क्या पता आपातकालीन में डॉक्टर देख लें। अब देखते हैं कि बच्चों को डॉक्टर देखते हैं या नहीं। -कैमिली, धर्मशाला, तीमारदार

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।

खैरा अस्पताल में जाचं करवाने आई महिला, लेकिन डाक्टरों की हड़ताल होने चलते उसे वापिस लौटना पड़ा।