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Kangra News: डॉक्टर का तबादला, अस्पताल के सिस्टम में अभी नाम नहीं बदला
Mon, 16 Dec 2024 06:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 16 Dec 2024 06:54 AM IST
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धर्मशाला अस्पताल की पर्ची में लिखा डाक्टर कविता ठाकुर का नाम।
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला से डॉ. कविता का तबादला तीन माह पहले हो गया है। मगर अस्पताल के सिस्टम में अभी तक नाम नहीं बदला गया। धर्मशाला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में जांच के लिए मरीज पर्ची बन रहे हैं तो उसपर अभी भी एमडी विशेषज्ञ डॉ. कविता ठाकुर का ही नाम ही रहा है। इससे मरीज भ्रमित हो रहे हैं।
जैसे ही अस्पताल के पर्ची काउंटर पर मरीज मेडिसिन ओपीडी की पर्ची बनवा रहे हैं तो पर्ची पर अभी भी डॉ. कविता का नाम दर्शाया जा रहा है, जिसे देख मरीज खुश हो रहे हैं। मगर जैसे ही ओपीडी में पहुंच रहे हैं, तो वहां पता चल रहा है कि डॉक्टर का तो तीन माह पहले तबादला हो गया है। मजबूरन मरीजों को प्रशिक्षुओं या अन्य डॉक्टरों से परामर्श लेना पड़ रहा है। इस वजह से मरीज मायूस हैं।
जानकारी के अनुसार करीब 18 सिंतबर, 2024 को धर्मशाला अस्पताल में सेवाएं दे रही एमडी मेडिसिन डॉ. कविता ठाकुर को बीएमओ शाहपुर बना दिया गया था। इसके बाद से अस्पताल में एमडी मेडिसिन का पद खाली चल रहा है। कई मरीज को बिना उपचार करवाए ही अस्पताल से लौट रहे हैं। रोजाना अस्पताल में एक हजार से अधिक की ओपीडी रहती है, जिसमें से 150 से अधिक लोग मेडिसिन ओपीडी में अपनी जांच करवाने आते हैं।
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अस्पताल में इलाज के लिए आए धर्मशाला के विपिन कुमार, नितेश कुमार, सविता देवी, प्रशांत आदि ने बताया कि जब मेडिसिन ओपीडी की पर्ची बनाई तो पर्ची पर डॉ. कविता का नाम लिखा था, जिससे उन्हें खुशी मिली। क्योंकि डॉ. कविता मरीजों को काफी अच्छे से इलाज करती हैं, लेकिन जब ओपीडी में जाकर देखा हो वहां वे थी ही नहीं। पूछने पर पता चला कि उनका तबादला हो गया है।
धर्मशाला अस्पताल से एमडी मेडिसिन डॉ. कविता चली गई हैं, लेकिन अभी साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है। इस वजह से पर्ची पर उनका नाम आ रहा है। इसे बदलने के लिए शिमला में इंजीनियर को अवगत करवाया गया है। जैसे ही वे यहां आएंगे तो साफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा, ताकि मरीज भ्रमित न हों
-डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, धर्मशाला अस्पताल
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जैसे ही अस्पताल के पर्ची काउंटर पर मरीज मेडिसिन ओपीडी की पर्ची बनवा रहे हैं तो पर्ची पर अभी भी डॉ. कविता का नाम दर्शाया जा रहा है, जिसे देख मरीज खुश हो रहे हैं। मगर जैसे ही ओपीडी में पहुंच रहे हैं, तो वहां पता चल रहा है कि डॉक्टर का तो तीन माह पहले तबादला हो गया है। मजबूरन मरीजों को प्रशिक्षुओं या अन्य डॉक्टरों से परामर्श लेना पड़ रहा है। इस वजह से मरीज मायूस हैं।
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जानकारी के अनुसार करीब 18 सिंतबर, 2024 को धर्मशाला अस्पताल में सेवाएं दे रही एमडी मेडिसिन डॉ. कविता ठाकुर को बीएमओ शाहपुर बना दिया गया था। इसके बाद से अस्पताल में एमडी मेडिसिन का पद खाली चल रहा है। कई मरीज को बिना उपचार करवाए ही अस्पताल से लौट रहे हैं। रोजाना अस्पताल में एक हजार से अधिक की ओपीडी रहती है, जिसमें से 150 से अधिक लोग मेडिसिन ओपीडी में अपनी जांच करवाने आते हैं।
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अस्पताल में इलाज के लिए आए धर्मशाला के विपिन कुमार, नितेश कुमार, सविता देवी, प्रशांत आदि ने बताया कि जब मेडिसिन ओपीडी की पर्ची बनाई तो पर्ची पर डॉ. कविता का नाम लिखा था, जिससे उन्हें खुशी मिली। क्योंकि डॉ. कविता मरीजों को काफी अच्छे से इलाज करती हैं, लेकिन जब ओपीडी में जाकर देखा हो वहां वे थी ही नहीं। पूछने पर पता चला कि उनका तबादला हो गया है।
धर्मशाला अस्पताल से एमडी मेडिसिन डॉ. कविता चली गई हैं, लेकिन अभी साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है। इस वजह से पर्ची पर उनका नाम आ रहा है। इसे बदलने के लिए शिमला में इंजीनियर को अवगत करवाया गया है। जैसे ही वे यहां आएंगे तो साफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा, ताकि मरीज भ्रमित न हों
-डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, धर्मशाला अस्पताल