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मैडिकल लैब ठेके पर दी तो होगा आंदोलन
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:19 AM IST
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धर्मशाला। सूबे के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चल रही मेडिकल लैबों को अगर ठेके पर दिया तो इसका विरोध किया जाएगा। साथ ही विरोध में एसोएिशन उग्र आंदोलन करेगी। यह बात पैरा मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र ने यहां जारी प्रेस बयान में कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 53 सरकारी मेडिकल लैबों को ठेके पर देने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने अगर इन लैबों को ठेके पर देने की प्रक्रिया बंद नहीं की तो एसोसिएशन इसके विरोध में उग्र आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि सरकार टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी में बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी की डिग्री तो करवा रही है, लेकिन 2002 के बाद एक भी डिग्रीधारक को नौकरी नहीं दी है। सुरेंद्र का कहना है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने नाहन, चंबा और मंडी मेडिकल कॉलेज में लैब ठेके पर दी हैं, लेकिन ठेकेदार ने शर्तों को पूरा न करने वालों को नौकरी दी। हिमाचल के जिन डिग्रीधारकों को नौकरी दी भी, उन्हें मानदेय पूरा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि लैब टेक्नीशियन के 15000 रुपये सरकार से लिए गए, लेकिन कर्मचारी को सात से आठ हजार रुपये ही दिए गए। नौकरी पर रखने से पहले शपथपत्र लिया गया और जिसने शपथपत्र नहीं दिए, उसे नौकरी नहीं दी। एसोसिएशन का कहना है कि अगर सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, क्षेत्रीय और सिविल अस्पतालों में लैब को ठेके पर देने की प्रक्रिया बंद नहीं की तो एसोसिएशन इसका विरोध करेगी।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की 53 सरकारी मेडिकल लैबों को ठेके पर देने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने अगर इन लैबों को ठेके पर देने की प्रक्रिया बंद नहीं की तो एसोसिएशन इसके विरोध में उग्र आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि सरकार टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी में बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी की डिग्री तो करवा रही है, लेकिन 2002 के बाद एक भी डिग्रीधारक को नौकरी नहीं दी है। सुरेंद्र का कहना है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने नाहन, चंबा और मंडी मेडिकल कॉलेज में लैब ठेके पर दी हैं, लेकिन ठेकेदार ने शर्तों को पूरा न करने वालों को नौकरी दी। हिमाचल के जिन डिग्रीधारकों को नौकरी दी भी, उन्हें मानदेय पूरा नहीं दिया।
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उन्होंने कहा कि लैब टेक्नीशियन के 15000 रुपये सरकार से लिए गए, लेकिन कर्मचारी को सात से आठ हजार रुपये ही दिए गए। नौकरी पर रखने से पहले शपथपत्र लिया गया और जिसने शपथपत्र नहीं दिए, उसे नौकरी नहीं दी। एसोसिएशन का कहना है कि अगर सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, क्षेत्रीय और सिविल अस्पतालों में लैब को ठेके पर देने की प्रक्रिया बंद नहीं की तो एसोसिएशन इसका विरोध करेगी।
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