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स्कूली बच्चों को पढ़ाएगी अब प्रदेश पुलिस
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
डरोह (कांगड़ा)। प्रदेश के स्कूलों में अब हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा के मास्टर ट्रेनर स्कूली छात्रों को कानून का ज्ञान बांटेंगे। कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम की तर्ज पर पुलिस प्रदेश के सरकारी स्कूलों के नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधों का ज्ञान देंगे। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के माध्यम से चलाए जाने वाले इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला ने अपने पहले चरण में पुलिस विभाग के 50 मास्टर ट्रेनरों को 15 दिन का प्रशिक्षण पीटीसी डरोह में दिलवाया है।
अब यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में जाकर स्कूली बच्चों को पढ़ाएंगे। पुलिस विभाग ने स्कूल पुलिस कैडेट कोर्स में पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक जिले से 5-5 पुलिस जवानों को शामिल किया गया है। प्रत्येक जिले में पहले ये ट्रेनर केवल पांच स्कूलों को चिह्नित करेंगे। उन स्कूलों के नौंवी और दसवीं कक्षा के छात्रों को पुलिस की कार्यप्रणाली का ज्ञान देंगे। वहीं, इस प्रशिक्षण में मादक पदार्थों के प्रयोग और उनसे होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी, यातायात नियमों का ज्ञान और सेफ ड्राइविंग, प्राथमिक उपचार और समाज का पुलिस के प्रति नकारात्मक रवैया जैसे पहलुओं का पाठ पढ़ाया जाएगा। इससे बच्चों में पुलिस के प्रति नकारात्मक सोच में बदलाव होगा। वहीं, आने वाले समय में प्रशिक्षित समाज भी तैयार होगा। पुलिस विभाग इस तरह के मास्टर ट्रेनर आगे आने वाले समय में भी तैयार करेगा। वहीं, पीएचक्यू ने इस प्रशिक्षण का खाका तैयार कर हेडक्वार्टर से ही कोर्स कॉर्डिनेटर लगाए थे। प्रशिक्षण का स्थान पीटीसी डरोह निर्धारित किया गया था। शनिवार को 15 दिन का यह स्पेशल स्कूल पुलिस कैडेट कोर्स समाप्त हुआ है। पीटीसी के डीएसपी अनिल दत्त ने बताया कि यह कोर्स पीटीसी डरोह में पीएचक्यू के दिशा निर्देशों से चलाया गया है। दूसरे चरण में और भी मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।
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डरोह (कांगड़ा)। प्रदेश के स्कूलों में अब हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा के मास्टर ट्रेनर स्कूली छात्रों को कानून का ज्ञान बांटेंगे। कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम की तर्ज पर पुलिस प्रदेश के सरकारी स्कूलों के नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधों का ज्ञान देंगे। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के माध्यम से चलाए जाने वाले इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला ने अपने पहले चरण में पुलिस विभाग के 50 मास्टर ट्रेनरों को 15 दिन का प्रशिक्षण पीटीसी डरोह में दिलवाया है।
अब यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में जाकर स्कूली बच्चों को पढ़ाएंगे। पुलिस विभाग ने स्कूल पुलिस कैडेट कोर्स में पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक जिले से 5-5 पुलिस जवानों को शामिल किया गया है। प्रत्येक जिले में पहले ये ट्रेनर केवल पांच स्कूलों को चिह्नित करेंगे। उन स्कूलों के नौंवी और दसवीं कक्षा के छात्रों को पुलिस की कार्यप्रणाली का ज्ञान देंगे। वहीं, इस प्रशिक्षण में मादक पदार्थों के प्रयोग और उनसे होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी, यातायात नियमों का ज्ञान और सेफ ड्राइविंग, प्राथमिक उपचार और समाज का पुलिस के प्रति नकारात्मक रवैया जैसे पहलुओं का पाठ पढ़ाया जाएगा। इससे बच्चों में पुलिस के प्रति नकारात्मक सोच में बदलाव होगा। वहीं, आने वाले समय में प्रशिक्षित समाज भी तैयार होगा। पुलिस विभाग इस तरह के मास्टर ट्रेनर आगे आने वाले समय में भी तैयार करेगा। वहीं, पीएचक्यू ने इस प्रशिक्षण का खाका तैयार कर हेडक्वार्टर से ही कोर्स कॉर्डिनेटर लगाए थे। प्रशिक्षण का स्थान पीटीसी डरोह निर्धारित किया गया था। शनिवार को 15 दिन का यह स्पेशल स्कूल पुलिस कैडेट कोर्स समाप्त हुआ है। पीटीसी के डीएसपी अनिल दत्त ने बताया कि यह कोर्स पीटीसी डरोह में पीएचक्यू के दिशा निर्देशों से चलाया गया है। दूसरे चरण में और भी मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।
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