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Himachal Pradesh: रात को नाव में सो गया मछुआरा, सुबह एनटीपीसी, सीआईएसएफ, फायर ब्रिगेड के जवानों ने बचाई जान
Mon, 26 May 2025 07:02 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 26 May 2025 07:02 PM IST
सार
कोलडैम में एक मछुआरा अपनी दो नावों के साथ करीब चार घंटे तक फंसा रहा। सुबह रेस्क्यू अभियान चलाकर मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया गया। जानें पूरा मामला...
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कोलडैम में फंसे मछुआरे को रेस्क्यू करते सुरक्षा कर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सतलुज नदी पर बने कोलडैम में एक मछुआरा अपनी दो नावों के साथ करीब चार घंटे तक फंसा रहा। मछुआरे ने रात को अपनी दोनों नावों को नदी के किनारे रस्सी के सहारे बांधा था और एक नाव में सो गया था। गहरी नींद के दौरान पानी के तेज बहाव और हवाओं के कारण रस्सियां खुल गईं। इसके बाद दोनों नावें बहती हुई कोलडैम के चैंबर में फंस गई। गनीमत रही कि सुबह रेस्क्यू अभियान चलाकर मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया गया।
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जानकारी के अनुसार के मछुआरे विजय कुमार निवासी गांव एहन जिला बिलासपुर ने रविवार रात को नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था। इसके बाद अपनी मोटर नाव और चप्पू वाली नाव को नदी किनारे रस्सी के सहारे बांध दिया। खुद एक नाव में सो गया। रात को हवा चलने और पानी के तेज बहाव के कारण रस्सियां खुल गईं। इन दिनों कौलडैम के चारों टरबाइन चल रही हैं, जिस कारण नदी में पानी का बहाव तेज है। इस तेज बहाव में दोनों नाव बहती हुईं कोलडैम के डिकेडिंग चैंबर तक पहुंच गई। इस चैंबर पर टरबाइन के चालू होने पर पानी का दबाव अधिक हो जाता है। मछुआरा अपनी नावों के साथ चैंबर में रात करीब 2:30 फंस गया। करीब 3:00 बजे मछुआरे की नींद खुली।
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उसने बचाव के लिए आवाज लगाई, लेकिन पानी के शोर में उसकी पुकार किसी को नहीं सुनाई दी। सुबह करीब 5:30 बजे उसे एनटीपीसी के कर्मचारियों ने देखा। इसके बाद एनटीपीसी, सीआईएसएफ और फायर बिग्रेड की टीमों ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। डैम के ऊपर से नाव के साथ फंसे मछुआरे के पास रस्सियों फेंकी गईं। रस्सियों से मछुआरे ने खुद को बांधा। इसके बाद उसे ऊपर डैम पर खींचा गया। नाव और मोटर बोट डैम के चैंबर के पास फंसी रहीं। उन्हें टरबाइन के बंद होने के बाद क्रेन के माध्यम से निकाला जाएगा।
पूछताछ और जांच के बाद छोड़ा गया मछुआरा
कोलडैम की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने जब डिकेडिंग चैंबर क्षेत्र में दो नावें और उसमें मछुआरे को देखा तो उस पर कड़ी नजर रखी जाने लगी। बचाव अभियान के बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ कोल डैम यूनिट के डिप्टी कमांडेंट अजय बाली ने संज्ञान लेते हुए तुरंत बरमाणा थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मछुआरे से पूछताछ की गई। जांच के दौरान उसके मालिक को बुलाकर आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि की गई। किसी आतंकी या आपराधिक एंगल की पुष्टि न होने पर मछुआरे को चेतावनी देकर छोड़ा गया। सीआईएसएफ डिप्टी कमांडेंट बाली ने स्पष्ट किया है कि बांध जैसे स्थल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बांध के आसपास हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पूछताछ और जांच के बाद छोड़ा गया मछुआरा
कोलडैम की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने जब डिकेडिंग चैंबर क्षेत्र में दो नावें और उसमें मछुआरे को देखा तो उस पर कड़ी नजर रखी जाने लगी। बचाव अभियान के बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ कोल डैम यूनिट के डिप्टी कमांडेंट अजय बाली ने संज्ञान लेते हुए तुरंत बरमाणा थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मछुआरे से पूछताछ की गई। जांच के दौरान उसके मालिक को बुलाकर आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि की गई। किसी आतंकी या आपराधिक एंगल की पुष्टि न होने पर मछुआरे को चेतावनी देकर छोड़ा गया। सीआईएसएफ डिप्टी कमांडेंट बाली ने स्पष्ट किया है कि बांध जैसे स्थल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बांध के आसपास हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।