फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Union furious over distorting implementation of Punjab Pay Commission's recommendations

पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को तोड़ मरोड़ कर लागू करने पर भड़का संघ

Thu, 13 Jan 2022 11:09 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को हिमाचल प्रदेश में तोड़ मरोड़ कर लागू करने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। इस संदर्भ में संघ के प्रदेश अध्यक्ष यशवीर जंवाल, अध्यक्ष कोर कमेटी केवल ठाकुर, प्रदेश महासचिव कमल किशोर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी 2006 के बाद 2016 में मिलने वाले नए वेतनमान का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन, 16 वर्षों के इंतजार के बाद 2022 में मिले इस वेतनमान से प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को 4000 से लेकर 20000 तक का ही मासिक फायदा है। यदि प्रदेश सरकार ने वेतनमान अपने हिसाब से ही निर्धारित करने थे तो पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों का इतने वर्षों तक इंतजार क्यों किया। इस वेतनमान में जहां बहुत सारी विसंगतियां है, वहीं प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को पंजाब के कर्मचारियों के मुकाबले कम वेतन दिया जा रहा है।
विज्ञापन

इसका मुख्य कारण प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन में लागू की गई न्यूनतम वेतन की शर्त है। जिसके आधार पर प्रदेश के कर्मचारियों को कम वेतन मिलता है। ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार ने 2012 में प्रदेश के कर्मचारियों को जो रिवाइज्ड ग्रेड पे का लाभ दिया था, 2022 में उसे सूद सहित वापस लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यही कारण है कि जिन कर्मचारियों का पे बैंड 2012 में बदला गया था जिनमें सभी जेबीटी शिक्षक एवं लिपिक वर्ग सहित अन्य कर्मचारी भी आते हैं, उन्हें 16 वर्षों बाद मिलने वाले नए वेतनमान में अधिकांश को मात्र 5000 की ही वृद्धि हो रही है। इस नए वेतनमान में जहां कर्मचारियों के एसीपी के लाभ को खत्म कर दिया गया है, वहीं 2016 से लेकर 21 तक के कर्मचारियों के एरियर के बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
विज्ञापन

हैरानी की बात तो यह है कि नए वेतनमान के अनुसार यदि किसी कर्मचारी की रिकवरी बनती है तो नियमों के अनुसार उससे यह रिकवरी निकट भविष्य में उसे मिलने वाली वेतन वृद्धि या डीए की किस्त से कर ली जाएगी। अकसर चुनावी वर्ष में यह माना जाता है कि सरकार कर्मचारियों की झोली भरने में कोई कसर नहीं छोड़ती, लेकिन इस वेतनमान से तो यह प्रतीत होता है कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों के हितों में कटौती करने के लिए वेतन आयोग की सिफारिशों में हर संभव प्रयास किया है। संघ के पदाधिकारियों प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप डढवाल, प्रदेश प्रवक्ता अनूप शर्मा, प्रदेश वित्त सचिव मदन लाल शर्मा, सभी जिला प्रधान, प्रदेश संयुक्त वित्त सचिव प्रीतम कौशल ने मांग की है कि पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को कर्मचारी हित में अक्षरश लागू किया। अन्यथा प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष की राह अपनाने पर मजबूर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed