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वरदान से कम नहीं यूक्रेन से लौटना : अंकिता
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यूक्रेन से लौटी अंकिता ठाकुर का घर पहुंचने पर आरती उतारते माता-पिता
- फोटो : Hamirpur-HP
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रंगस (नादौन)। यूक्रेन में हालात बहुत खराब हैं। वहां से सकुशल घर लौटना भगवान के वरदान से कम नहीं है। मुश्किल वक्त में यूक्रेन की चेरनिवटीसी से रोमानिया बॉर्डर तक हम ढाई सौ के करीब भारतीय छात्र-छात्राएं एक बस से आए। 26 फरवरी की रात को रोमानिया एयरपोर्ट से फ्लाइट लेकर भारत के लिए रवाना हुए।
दिल्ली एयरपोर्ट पर 27 फरवरी की सुबह 3:00 बजे पहुंचे। तड़के 3:00 बजे एयरपोर्ट पर भारतीय बच्चों को केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिराज सिंधिया ने बुक्के देकर स्वदेश पहुंचने पर स्वागत किया। इसके बाद हिमाचल सरकार के प्रशासनिक अधिकारी हिमाचली बच्चों को हिमाचल भवन लेकर आए। वहां पर सभी यूक्रेन से स्वदेश लौटे छात्र-छात्राओं को नाश्ता करवाने के बाद अपने-अपने गंतव्य की ओर वोल्वो बसों से रवाना किया। यह बात यूक्रेन से अमरोह के साथ लगते चुनहाल गांव की अंकिता ठाकुर घर लौटने के बाद कही।
अंकिता ने कहा कि उनके खाने-पीने और यूक्रेन से घर तक पहुंचने का सारा खर्चा केंद्र और प्रदेश सरकार ने वहन किया है। इसके लिए अंकिता ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। अंकिता ठाकुर पांच वर्ष से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। तीन महीने बाद उसकी डिग्री पूरी होनी थी।
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रविवार देर शाम घर पहुंचने पर परिजनों ने अंकिता ठाकुर की आरती उतारी और पूजा-अर्चना के बाद केक काटकर भव्य स्वागत किया। अंकिता के पिता डॉ. जेबी सिंह आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र झलेड़ी में चिकित्सक हैं। माता अनीता देवी ग्रहणी हैं।
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दिल्ली एयरपोर्ट पर 27 फरवरी की सुबह 3:00 बजे पहुंचे। तड़के 3:00 बजे एयरपोर्ट पर भारतीय बच्चों को केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिराज सिंधिया ने बुक्के देकर स्वदेश पहुंचने पर स्वागत किया। इसके बाद हिमाचल सरकार के प्रशासनिक अधिकारी हिमाचली बच्चों को हिमाचल भवन लेकर आए। वहां पर सभी यूक्रेन से स्वदेश लौटे छात्र-छात्राओं को नाश्ता करवाने के बाद अपने-अपने गंतव्य की ओर वोल्वो बसों से रवाना किया। यह बात यूक्रेन से अमरोह के साथ लगते चुनहाल गांव की अंकिता ठाकुर घर लौटने के बाद कही।
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अंकिता ने कहा कि उनके खाने-पीने और यूक्रेन से घर तक पहुंचने का सारा खर्चा केंद्र और प्रदेश सरकार ने वहन किया है। इसके लिए अंकिता ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। अंकिता ठाकुर पांच वर्ष से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। तीन महीने बाद उसकी डिग्री पूरी होनी थी।
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रविवार देर शाम घर पहुंचने पर परिजनों ने अंकिता ठाकुर की आरती उतारी और पूजा-अर्चना के बाद केक काटकर भव्य स्वागत किया। अंकिता के पिता डॉ. जेबी सिंह आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र झलेड़ी में चिकित्सक हैं। माता अनीता देवी ग्रहणी हैं।