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Hamirpur (Himachal) News: सस्ता ऋण मामले में तीन को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत
Thu, 21 Nov 2024 01:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 21 Nov 2024 01:41 AM IST
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सचित्र
हमीरपुर में सस्ते ऋण के नाम पर ठगी और फर्जी बैंक खोलने का मामला
विजिलेंस जांच में तीनों को करना होगा पूरा सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी।
हमीरपुर। महज दो प्रतिशत पर ऋण दिलवाने का झांसा देकर और फर्जी बैंक संचालन मामले में हाईकोर्ट से तीन लोगों को सशर्त अग्रिम जमानत मिली है। इस मामले में अब इन तीनों लोगों को विजिलेंस जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा।
विजिलेंस जांच के दौरान गिरफ्तारी से पूर्व नोटिस दिए जाने की हिदायत कोर्ट की ओर से जांच एजेंसी को दी गई है। बीते अक्तूबर माह में हमीरपुर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हिमाचल लघु उद्योग कल्याण संघ के नाम से चलाए जा रहे कार्यालय में दबिश के दौरान विजिलेंस हमीरपुर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। कृष्ण चंद इस कार्यालय को संचालित करता था, जबकि सुजानपुर के बनाल निवासी शिखा राणा यहां प्रबंधक के रूप में कार्य कर रही थी। वहीं, एक अन्य महिला आरोपी शिवानी एजेंट के रूप में लोगों को सस्ते ऋण का झांसा देकर शिखा राणा से मिलवाती थी।
संघ के फर्जी कार्यालय के संचालक के घर से फर्जी बैंक के दस्तावेज भी विजिलेंस को मिले हैं। दस्तावेजों में बैंक नवी मुंबई जन कल्याण निधि लिमिटेड दर्शाया गया है। आरोपी कृष्ण के घर से फर्जी बैंक की 500 के करीब पास बुक बरामद हुई थीं। फर्जी बैंक संचालन मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता भी पाई गई थी। यह सभी हमीरपुर के रहने वाले हैं, जिनमें दो पुनुष और एक महिला शामल है। इन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर बुधवार को तीनों को सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। उधर, एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा ने कहा कि कोर्ट ने तीनों को जांच में सहयोग करने के आदेश दिए है। तीनों को सशर्त अग्रिम जमानत कोर्ट से मिली है।
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हमीरपुर में सस्ते ऋण के नाम पर ठगी और फर्जी बैंक खोलने का मामला
विजिलेंस जांच में तीनों को करना होगा पूरा सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी।
हमीरपुर। महज दो प्रतिशत पर ऋण दिलवाने का झांसा देकर और फर्जी बैंक संचालन मामले में हाईकोर्ट से तीन लोगों को सशर्त अग्रिम जमानत मिली है। इस मामले में अब इन तीनों लोगों को विजिलेंस जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा।
विजिलेंस जांच के दौरान गिरफ्तारी से पूर्व नोटिस दिए जाने की हिदायत कोर्ट की ओर से जांच एजेंसी को दी गई है। बीते अक्तूबर माह में हमीरपुर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हिमाचल लघु उद्योग कल्याण संघ के नाम से चलाए जा रहे कार्यालय में दबिश के दौरान विजिलेंस हमीरपुर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। कृष्ण चंद इस कार्यालय को संचालित करता था, जबकि सुजानपुर के बनाल निवासी शिखा राणा यहां प्रबंधक के रूप में कार्य कर रही थी। वहीं, एक अन्य महिला आरोपी शिवानी एजेंट के रूप में लोगों को सस्ते ऋण का झांसा देकर शिखा राणा से मिलवाती थी।
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संघ के फर्जी कार्यालय के संचालक के घर से फर्जी बैंक के दस्तावेज भी विजिलेंस को मिले हैं। दस्तावेजों में बैंक नवी मुंबई जन कल्याण निधि लिमिटेड दर्शाया गया है। आरोपी कृष्ण के घर से फर्जी बैंक की 500 के करीब पास बुक बरामद हुई थीं। फर्जी बैंक संचालन मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता भी पाई गई थी। यह सभी हमीरपुर के रहने वाले हैं, जिनमें दो पुनुष और एक महिला शामल है। इन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर बुधवार को तीनों को सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। उधर, एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा ने कहा कि कोर्ट ने तीनों को जांच में सहयोग करने के आदेश दिए है। तीनों को सशर्त अग्रिम जमानत कोर्ट से मिली है।
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