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बच्चों को डांटने के बजाय समस्याओं को समझकर करें हल : सीएमओ
Fri, 11 Sep 2026 01:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:55 AM IST
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हमीरपुर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर वीरवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय हमीरपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने की।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां किसी भी व्यक्ति को हो सकती हैं।
कई लोग अकेलेपन, डर या संकोच के कारण अपनी परेशानी साझा नहीं कर पाते। ऐसे में परिवार और समाज का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने, उनकी बातें ध्यान से सुनने और घर में सकारात्मक माहौल बनाने का आग्रह किया।
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बच्चों को डांटने के बजाय उनकी समस्याओं को समझकर समाधान निकालने पर जोर दिया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने कहा कि किशोरावस्था में बच्चे भावनात्मक और सामाजिक दबाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। इसलिए बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने और उनकी तुलना दूसरों से करने से बचना चाहिए।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नेहा पटियाल सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और आत्महत्या रोकथाम के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां किसी भी व्यक्ति को हो सकती हैं।
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कई लोग अकेलेपन, डर या संकोच के कारण अपनी परेशानी साझा नहीं कर पाते। ऐसे में परिवार और समाज का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने, उनकी बातें ध्यान से सुनने और घर में सकारात्मक माहौल बनाने का आग्रह किया।
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बच्चों को डांटने के बजाय उनकी समस्याओं को समझकर समाधान निकालने पर जोर दिया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने कहा कि किशोरावस्था में बच्चे भावनात्मक और सामाजिक दबाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। इसलिए बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने और उनकी तुलना दूसरों से करने से बचना चाहिए।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नेहा पटियाल सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और आत्महत्या रोकथाम के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।