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कर्मचारियों को वेतन नहीं, सफाई पर खर्च होंगे 26 लाख
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हमीरपुर। भ्रष्टाचार के आरोपों से सुर्खियों में रही नगर परिषद हमीरपुर अब 26 लाख रुपये के सफाई कार्य के भारी भरकम टेंडर के मामले में चर्चा में है। पिछले वर्ष नगर परिषद ने शहर के 11 वार्डों में सफाई का टेंडर छह लाख रुपये में किया था। शहर में दो समय सुबह और शाम को सफाई होती थी। अब नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने का हवाला देकर चार गुना अधिक रेट पर टेंडर अवार्ड कर दिया। इस टेंडर पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं चूंकि अगस्त माह की सोलह तारीख बीत चुकी है। लेकिन, अभी तक नगर परिषद के 47 नियमित कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है
स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन दोनों ही पर्व नगर परिषद के कर्मचारियों ने बिना वेतन के ही मनाए। वेतन न मिलने से इन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। कर्मचारियों को पानी, बिजली, फोन, दूध और राशन के बिलों का भुगतान करना मुश्किल हो गया है। स्कूल और कालेजों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस का भुगतान लटक गया है। नगर परिषद हमीरपुर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में पुलिस थाना हमीरपुर में तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा रेहड़ी फड़ी धारक से 80 हजार रुपये एडवांस वसूलने के बावजूद उसे दुकान आवंटित नहीं करने का मामला भी जिला प्रशासन के पास लंबित है। अब भारी भरकम राशि में सफाई का टेंडर और नगर परिषद के कर्मचारियों को वेतन न मिलने के कारण नगर परिषद फिर से सुर्खियों में है। उधर, नगर परिषद हमीरपुर के ईओ किशोरी लाल ठाकुर ने कहा कि 26 लाख रुपये में सफाई का टेंडर उनकी ज्वाइनिंग से पहले ही हो चुका है।
इनसेट-
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं वर्तमान में पर्यवेक्षक दीपक राज शर्मा ने 26 लाख रुपये के सफाई टेंडर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में पिछले दो सालों से डोर टू डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। पिछले वर्ष रूपलाल को छह लाख रुपये में सफाई का टेंडर हुआ था। इस बार इतनी बड़ी रकम का टेंडर समझ से परे है। नगर परिषद को होने वाली कमाई से खर्चे पूरे करने होते हैं। लेकिन, इनके खर्चे अधिक हो गए हैं। जिसके चलते कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिला है। सबसे बड़ा प्रश्न है कि नगर परिषद के तीन डंपर, एक पिकअप वाहन और दो दर्जन से अधिक नए खरीदे डस्टबिन का अब क्या करेंगे। वहीं, वार्ड नंबर छह के पार्षद अश्वनी शर्मा ने कहा कि सफाई के 26 लाख रुपये में टेंडर की जानकारी उन्हें अभी मिली है। टेंडर के दौरान उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
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बाक्स:
नए टेंडर में 105 सफाई कर्मी तैनात करने होंगे
एक अगस्त से हुए नए सफाई टेंडर के अनुसार सभी वार्डों में दो टाइम सफाई होगी। डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाएगा। शहर में तीन समय सफाई होगी। कुल 105 सफाई कर्मियों की तैनाती संबंधित ठेकेदार को करनी है। वार्ड नंबर एक में 16 सफाई कर्मी होंगे। जबकि, वार्ड नंबर-2 में 6, वार्ड नंबर-3 में 8, वार्ड नंबर-4,5,6 में 6-6 कर्मी, वार्ड नंबर-7 और 8 में 8 कर्मी, वार्ड नंबर-9,10 व 11 में भी आधा दर्जन से अधिक सफाई कर्मी होंगे। इसके अलावा ठेकेदार को अपनी गाड़ियां कूड़ा-कचरा उठाने के लिए लगानी होंगी।
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स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन दोनों ही पर्व नगर परिषद के कर्मचारियों ने बिना वेतन के ही मनाए। वेतन न मिलने से इन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। कर्मचारियों को पानी, बिजली, फोन, दूध और राशन के बिलों का भुगतान करना मुश्किल हो गया है। स्कूल और कालेजों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस का भुगतान लटक गया है। नगर परिषद हमीरपुर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में पुलिस थाना हमीरपुर में तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा रेहड़ी फड़ी धारक से 80 हजार रुपये एडवांस वसूलने के बावजूद उसे दुकान आवंटित नहीं करने का मामला भी जिला प्रशासन के पास लंबित है। अब भारी भरकम राशि में सफाई का टेंडर और नगर परिषद के कर्मचारियों को वेतन न मिलने के कारण नगर परिषद फिर से सुर्खियों में है। उधर, नगर परिषद हमीरपुर के ईओ किशोरी लाल ठाकुर ने कहा कि 26 लाख रुपये में सफाई का टेंडर उनकी ज्वाइनिंग से पहले ही हो चुका है।
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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं वर्तमान में पर्यवेक्षक दीपक राज शर्मा ने 26 लाख रुपये के सफाई टेंडर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में पिछले दो सालों से डोर टू डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। पिछले वर्ष रूपलाल को छह लाख रुपये में सफाई का टेंडर हुआ था। इस बार इतनी बड़ी रकम का टेंडर समझ से परे है। नगर परिषद को होने वाली कमाई से खर्चे पूरे करने होते हैं। लेकिन, इनके खर्चे अधिक हो गए हैं। जिसके चलते कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिला है। सबसे बड़ा प्रश्न है कि नगर परिषद के तीन डंपर, एक पिकअप वाहन और दो दर्जन से अधिक नए खरीदे डस्टबिन का अब क्या करेंगे। वहीं, वार्ड नंबर छह के पार्षद अश्वनी शर्मा ने कहा कि सफाई के 26 लाख रुपये में टेंडर की जानकारी उन्हें अभी मिली है। टेंडर के दौरान उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया।
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नए टेंडर में 105 सफाई कर्मी तैनात करने होंगे
एक अगस्त से हुए नए सफाई टेंडर के अनुसार सभी वार्डों में दो टाइम सफाई होगी। डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाएगा। शहर में तीन समय सफाई होगी। कुल 105 सफाई कर्मियों की तैनाती संबंधित ठेकेदार को करनी है। वार्ड नंबर एक में 16 सफाई कर्मी होंगे। जबकि, वार्ड नंबर-2 में 6, वार्ड नंबर-3 में 8, वार्ड नंबर-4,5,6 में 6-6 कर्मी, वार्ड नंबर-7 और 8 में 8 कर्मी, वार्ड नंबर-9,10 व 11 में भी आधा दर्जन से अधिक सफाई कर्मी होंगे। इसके अलावा ठेकेदार को अपनी गाड़ियां कूड़ा-कचरा उठाने के लिए लगानी होंगी।