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पैरामिलिट्री जवानों को मिले शहीदी का दर्जा : संघ
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हमीरपुर। एक्स पैरामिलिट्री वेलफेयर संघ हमीरपुर की बैठक बुधवार को दोसड़का में हुई। इस दौरान पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मोमबत्ती जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इसके बाद अर्धसैनिक बल के सैनिकों और सेवानिवृत्त सैनिकों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा की गई।
संघ के प्रधान त्रिलोक सिंह डढवाल ने कहा कि अर्ध सैनिक बल के सैनिकों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। पैरामिलिट्री सैनिकों को भी सेना की तरह शहीद का दर्जा मिले। वहीं 2003 के बाद अर्धसैनिक बल के जवान को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा भी नहीं है। इसलिए अर्ध सैनिक बल के 2003 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को पेंशन सुविधा मिलनी चाहिए। इसके अलावा अर्ध सैनिक बल के जवानों के लिए मेडिकल सुविधा और कैंटीन सुविधा मिलनी चाहिए। भारतीय सेना की तरह ही पैरामिलिट्री जवान भी देश की रक्षा में तैनात रहते हैं। इस दौरान श्रवण सिंह, पीएस नूर, बिहारी लाल, एसएस रैणा, ओम प्रकाश, रमेश डोगरा, प्रीतम सिंह और अन्य पैरा मिलिट्री से सेवानिवृत्त सैनिक मौजूद रहे।
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संघ के प्रधान त्रिलोक सिंह डढवाल ने कहा कि अर्ध सैनिक बल के सैनिकों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। पैरामिलिट्री सैनिकों को भी सेना की तरह शहीद का दर्जा मिले। वहीं 2003 के बाद अर्धसैनिक बल के जवान को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा भी नहीं है। इसलिए अर्ध सैनिक बल के 2003 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को पेंशन सुविधा मिलनी चाहिए। इसके अलावा अर्ध सैनिक बल के जवानों के लिए मेडिकल सुविधा और कैंटीन सुविधा मिलनी चाहिए। भारतीय सेना की तरह ही पैरामिलिट्री जवान भी देश की रक्षा में तैनात रहते हैं। इस दौरान श्रवण सिंह, पीएस नूर, बिहारी लाल, एसएस रैणा, ओम प्रकाश, रमेश डोगरा, प्रीतम सिंह और अन्य पैरा मिलिट्री से सेवानिवृत्त सैनिक मौजूद रहे।
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