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मेवा लगवालती पेयजल योजना के रिसाव कुएं सूखे
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:42 PM IST
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भोरंज(हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज और उपतहसील टौणी देवी की करीब 50 पंचायतों की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई प्रदेश की पहली कंप्यूटरीकृत पेयजल योजना के जलस्रोत अब सूखने लगे हैं। इससे पूर्व योजना में बिजली के कम वोल्टेज की समस्या के कारण पंचायतों में सप्ताह में एक या दो बार ही पानी की आपूर्ति होती आई है। अब योजना के रिसाव कुएं (परकॉलेशन वेल) सूख रहे हैं जिससे कई पंचायतों में पानी पहुंच ही नहीं रहा है। योजना के तहत जाखू के पास पानी लिफ्ट के लिए छह कुएं बनाए गए हैं। इनमें से तीन सूखने की कगार पर हैं। इस कारण सोमवार को भी योजना बंद रही और क्षेत्र मे पेयजल सप्लाई नहीं हुई।
विभाग ने यहां से छह इंच की मोटी पाइप पानी की सप्लाई को डाली है, लेकिन इस छह इंच की पाइप से मात्र एक इंच की ही सप्लाई हो रही है। इस पानी से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करना विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। क्षेत्र के कई गांवों में पानी तक नहीं पहुंच पा रहा है। अब जब योजना के कुएं सूखने लगे हैं तो क्षेत्र की जनता को आगामी समय में पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने विभाग से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग की है। लोगों ने विभाग से योजना में चल रही खामियों को सुधारने की मांग की है। आईपीएच विभाग भोरंज के सहायक अभियंता अजय वर्मा का कहना है कि योजना के तहत रिसाव कुएं में जल की मात्रा में कमी आई है। उन्होंने लोगों से पेयजल को व्यर्थ न गंवाने और जरूरत अनुसार प्रयोग करने की मांग की है।
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विभाग ने यहां से छह इंच की मोटी पाइप पानी की सप्लाई को डाली है, लेकिन इस छह इंच की पाइप से मात्र एक इंच की ही सप्लाई हो रही है। इस पानी से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करना विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। क्षेत्र के कई गांवों में पानी तक नहीं पहुंच पा रहा है। अब जब योजना के कुएं सूखने लगे हैं तो क्षेत्र की जनता को आगामी समय में पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने विभाग से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग की है। लोगों ने विभाग से योजना में चल रही खामियों को सुधारने की मांग की है। आईपीएच विभाग भोरंज के सहायक अभियंता अजय वर्मा का कहना है कि योजना के तहत रिसाव कुएं में जल की मात्रा में कमी आई है। उन्होंने लोगों से पेयजल को व्यर्थ न गंवाने और जरूरत अनुसार प्रयोग करने की मांग की है।
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