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डीएलडी कोर्स का बहिष्कार करेंगे सीएंडवी अध्यापक : संघ
Updated Sun, 10 Jun 2018 10:25 PM IST
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ की राज्य स्तरीय बैठक संघ के राज्य प्रधान चमन लाल शर्मा की अध्यक्षता में कन्या स्कूल हमीरपुर में हुई। इस बैठक में मुख्य संरक्षक ध्यान सिंह पठानिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय पुरस्कार से अलंकृत चतर सिंह सूर्यवंशी को संघ ने सम्मानित किया। इसके साथ अन्य पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। बैठक में डीएलएड कोर्स का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब शिक्षा विभाग ने सीएंडवी अध्यापकों की नियुक्ति की थी तब अध्यापकों ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को पूरा किया था।
अब बुढ़ापे में उन्हें डीएलएड करने के लिए विवश किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग ने वर्षों से अध्यापन कार्य में लगे अध्यापकों को कैसे अप्रशिक्षित मान लिया है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग द्वारा छुट्टियों का प्रावधान न करने से स्कूल मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य उनका वेतन काट कर अनुपस्थिति लगा रहे हैं। एक सेमेस्टर के लिए 35 दिन का अवकाश चाहिए, जबकि शिक्षकों के पास इतनी छुट्टिया नहीं हैं। इसलिए अब वह डीएलएड का बहिष्कार करेंगे। बैठक में सरकार से मांग की गई कि पीटीए और पैरा अध्यापकों को शीघ्र नियुक्त किया जाए। माध्यमिक स्कूलों में कला, शारीरिक शिक्षकों के पद सृजित किए जाएं। शास्त्री और भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम दिया जाए। पाठशालाओं में रिक्त पदों को सरकार जल्द भरे। उन्होंने कहा इन विषयों को लेकर संघ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से शीघ्र मिलेगा। बैठक में सर्वसम्मति से राज्य कार्यकारिणी ने 2018 से 2021 तक रूपरेखा तैयार की। बैठक में राकेश, मस्ताना, गोविंद, सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र, कर्म चंद, होशियार सिंह, इंद्र गौतम, प्रवीण कुमारी, कमलेश कुमार, इंदु गौतम, सुमन कुमारी आदि सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।
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अब बुढ़ापे में उन्हें डीएलएड करने के लिए विवश किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग ने वर्षों से अध्यापन कार्य में लगे अध्यापकों को कैसे अप्रशिक्षित मान लिया है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग द्वारा छुट्टियों का प्रावधान न करने से स्कूल मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य उनका वेतन काट कर अनुपस्थिति लगा रहे हैं। एक सेमेस्टर के लिए 35 दिन का अवकाश चाहिए, जबकि शिक्षकों के पास इतनी छुट्टिया नहीं हैं। इसलिए अब वह डीएलएड का बहिष्कार करेंगे। बैठक में सरकार से मांग की गई कि पीटीए और पैरा अध्यापकों को शीघ्र नियुक्त किया जाए। माध्यमिक स्कूलों में कला, शारीरिक शिक्षकों के पद सृजित किए जाएं। शास्त्री और भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम दिया जाए। पाठशालाओं में रिक्त पदों को सरकार जल्द भरे। उन्होंने कहा इन विषयों को लेकर संघ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से शीघ्र मिलेगा। बैठक में सर्वसम्मति से राज्य कार्यकारिणी ने 2018 से 2021 तक रूपरेखा तैयार की। बैठक में राकेश, मस्ताना, गोविंद, सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र, कर्म चंद, होशियार सिंह, इंद्र गौतम, प्रवीण कुमारी, कमलेश कुमार, इंदु गौतम, सुमन कुमारी आदि सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।
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