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Chamba News: सचे जोत पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नहीं कोई भी पुख्ता प्रबंध
Sun, 31 May 2026 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 31 May 2026 11:07 PM IST
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चंबा में कालाबन के पास पांगी मार्ग पर हादसे के बाद शवों को रेस्क्यू करती टीम।संवाद
29 मई को हादसे का शिकार हुई टैक्सी को 31 को किया गया रेस्क्यू
हर वर्ष हजारों पर्यटक परिवार के साथ घूमने के लिए आते हैं सचे जोत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सचे जोत में हर साल हजारों पर्यटक घूमने जाते हैं लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर आज तक कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।
किसी प्रकार की अनहोनी घटना हो जाए तो न तो मोबाइल नेटवर्क की सुविधा है और न ही पुलिस तक सूचना पहुंचाने का अन्य माध्यम। पुलिस की चेक पोस्ट पहले सतरूंडी के पास थी। यह पिछले कई वर्षों से बैरागढ़ में चल रही है। इसके अलावा इस दुर्घटना ने जिले में आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है। शनिवार शाम के समय जब पुलिस को यह सूचना मिल गई थी कि पर्यटकों से भरी टैक्सी कालाबन के पास खाई में दुर्घटनाग्रस्त हुई है। बावजूद इसके उस टैक्सी में सवार लोगों के शव उसी दिन नहीं निकाले जा सके। रविवार को रेस्क्यू टीम वहां पहुंच पाई। ऐसे में जंगली जानवर भी खाई में पड़े शव को खा सकते थे। हालांकि, सभी शव सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। इसमें कहीं न कहीं आपदा प्रबंधन की लचर व्यवस्था देखने को मिली। यदि जिले में रात को खाई में रेस्क्यू करने के उचित प्रबंध होते तो शव शनिवार को भी निकाले जा सकते थे। इस दुर्घटना से सबक लेकर प्रशासन को सचे जोत में नेटवर्क व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उचित कदम उठाने की जरूरत है जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं में रेस्क्यू अभियान समय पर चलाए जा सकें।
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हर वर्ष हजारों पर्यटक परिवार के साथ घूमने के लिए आते हैं सचे जोत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सचे जोत में हर साल हजारों पर्यटक घूमने जाते हैं लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर आज तक कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।
किसी प्रकार की अनहोनी घटना हो जाए तो न तो मोबाइल नेटवर्क की सुविधा है और न ही पुलिस तक सूचना पहुंचाने का अन्य माध्यम। पुलिस की चेक पोस्ट पहले सतरूंडी के पास थी। यह पिछले कई वर्षों से बैरागढ़ में चल रही है। इसके अलावा इस दुर्घटना ने जिले में आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है। शनिवार शाम के समय जब पुलिस को यह सूचना मिल गई थी कि पर्यटकों से भरी टैक्सी कालाबन के पास खाई में दुर्घटनाग्रस्त हुई है। बावजूद इसके उस टैक्सी में सवार लोगों के शव उसी दिन नहीं निकाले जा सके। रविवार को रेस्क्यू टीम वहां पहुंच पाई। ऐसे में जंगली जानवर भी खाई में पड़े शव को खा सकते थे। हालांकि, सभी शव सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। इसमें कहीं न कहीं आपदा प्रबंधन की लचर व्यवस्था देखने को मिली। यदि जिले में रात को खाई में रेस्क्यू करने के उचित प्रबंध होते तो शव शनिवार को भी निकाले जा सकते थे। इस दुर्घटना से सबक लेकर प्रशासन को सचे जोत में नेटवर्क व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उचित कदम उठाने की जरूरत है जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं में रेस्क्यू अभियान समय पर चलाए जा सकें।