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Chamba News: भालू के आतंक से जनता परेशान, डीएफओ निकले जर्मनी
Sun, 30 Nov 2025 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 30 Nov 2025 11:09 PM IST
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चंबा। जिले में भालू के हमले में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं तो वन विभाग के डीएफओ प्रशिक्षण भ्रमण के लिए जर्मनी निकल गए हैं। इनमें वन मंडल भरमौर, चुराह, चंबा और डलहौजी के डीएफओ शामिल हैं।
दो दिन पहले ही भरमौर वन मंडल के परिक्षेत्र में आने वाले खणी गांव में एक महिला की भालू के हमले से मौत हो गई। साथ ही दो लोग घायल हुए है। इसके अलावा सलूणी में दो मवेशी भालू और तेंदुए के हमले में बुरी तरह से जख्मी हो गए। ऐसे में डीएफओ को प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभालनी चाहिए, लेकिन सभी डीएफओ जर्मनी प्रशिक्षण भ्रमण पर चले गए।
यह भ्रमण केएफडल्ब्यू प्रोजेक्ट को लेकर करवाया गया है, जो कि चंबा और कांगड़ा में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट मौजूदा समय में आखिरी चरण में है। ऐसे में इस भ्रमण पर प्रश्न चिह्न लग रहे हैं। आमतौर पर किसी भी प्रोजेक्ट का प्रशिक्षण भ्रमण उसकी शुरुआत में करवाया जाता है, ताकि उस प्रोजेक्ट को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।
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डलहौजी की जिम्मेदारी नूरपुर के अधिकारी को सौंपी
सरकार की तरफ से डीएफओ डलहौजी का अतिरिक्त कार्यभार डीएफओ नूरपुर को दिया गया है। इसी तरह चुराह का कार्यभार डीएफआई वाइल्ड लाइफ भरमौर का हेडक्वार्टर डीएफओ और चंबा का जिम्मा डीएम वन निगम को दिया गया है। हैरानी इस बात को लेकर भी मौजूदा समय में विधानसभा सत्र चला हुआ है। ऐसे में एक साथ चार डीएफओ को कैसे जिले से बाहर जाने की अनुमति सरकार ने जारी कर दी।
मनुष्य और वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए विभाग सर्दी पहले लोगों को जागरूक कर रहा है। जिन क्षेत्रों में यह घटनाएं हुई हैं वहां पर सुरक्षा के लिए विभाग उचित कदम भी उठा रहा है। राकेश ठाकुर, वन अरण्यपाल, चंबा
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दो दिन पहले ही भरमौर वन मंडल के परिक्षेत्र में आने वाले खणी गांव में एक महिला की भालू के हमले से मौत हो गई। साथ ही दो लोग घायल हुए है। इसके अलावा सलूणी में दो मवेशी भालू और तेंदुए के हमले में बुरी तरह से जख्मी हो गए। ऐसे में डीएफओ को प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभालनी चाहिए, लेकिन सभी डीएफओ जर्मनी प्रशिक्षण भ्रमण पर चले गए।
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यह भ्रमण केएफडल्ब्यू प्रोजेक्ट को लेकर करवाया गया है, जो कि चंबा और कांगड़ा में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट मौजूदा समय में आखिरी चरण में है। ऐसे में इस भ्रमण पर प्रश्न चिह्न लग रहे हैं। आमतौर पर किसी भी प्रोजेक्ट का प्रशिक्षण भ्रमण उसकी शुरुआत में करवाया जाता है, ताकि उस प्रोजेक्ट को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।
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डलहौजी की जिम्मेदारी नूरपुर के अधिकारी को सौंपी
सरकार की तरफ से डीएफओ डलहौजी का अतिरिक्त कार्यभार डीएफओ नूरपुर को दिया गया है। इसी तरह चुराह का कार्यभार डीएफआई वाइल्ड लाइफ भरमौर का हेडक्वार्टर डीएफओ और चंबा का जिम्मा डीएम वन निगम को दिया गया है। हैरानी इस बात को लेकर भी मौजूदा समय में विधानसभा सत्र चला हुआ है। ऐसे में एक साथ चार डीएफओ को कैसे जिले से बाहर जाने की अनुमति सरकार ने जारी कर दी।
मनुष्य और वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए विभाग सर्दी पहले लोगों को जागरूक कर रहा है। जिन क्षेत्रों में यह घटनाएं हुई हैं वहां पर सुरक्षा के लिए विभाग उचित कदम भी उठा रहा है। राकेश ठाकुर, वन अरण्यपाल, चंबा