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जटकरी में बंदरों का आतंक, फसल को नुकसान
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चंबा। विकास खंड मैहला के तहत ग्राम पंचायत जटकरी में उत्पाती बंदरों ने मक्की की फसल को बरबाद करना शुरू कर दिया है। इसके चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अभी तक फसल को बोए डेढ़ माह ही हुआ है और मक्की के छोटे पौधों को बंदरों ने नष्ट कर दिया है।
उन्होंने बताया कि करीब चार सालों से क्षेत्र में काफी बंदर बढ़ गए हैं। इसके चलते फसलों से मुनाफा होने की बजाय किसानों को साल दर साल घाटा हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि लोगों का अधिकतर समय अपने खेतों की रखवाली में ही बीत जाता है। बंदरों के झुंड पूरा दिन खेतों में ही घूमते रहते हैं। उन्होंने बताया कि बंदरों की समस्या से निजात के लिए कई बार सरकार और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन, अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इससे ग्रामीणों में रोष है। यक्ष कुमार, सुनील सिंह, अजय कुमार, धर्मपाल, नरैैण सिंह, वीरेंद्र सिंह, विमला देवी, उमेश कुमार, जगजीत सिंह, अनिल कुमार और राज कुमार ने बताया कि दिनप्रतिदिन बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे मक्की की फसल को नुकसान हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि बंदरों के झुंड को पकड़कर आबादी वाले इलाके से बाहर छोड़ा जाए।
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उन्होंने बताया कि करीब चार सालों से क्षेत्र में काफी बंदर बढ़ गए हैं। इसके चलते फसलों से मुनाफा होने की बजाय किसानों को साल दर साल घाटा हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि लोगों का अधिकतर समय अपने खेतों की रखवाली में ही बीत जाता है। बंदरों के झुंड पूरा दिन खेतों में ही घूमते रहते हैं। उन्होंने बताया कि बंदरों की समस्या से निजात के लिए कई बार सरकार और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन, अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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इससे ग्रामीणों में रोष है। यक्ष कुमार, सुनील सिंह, अजय कुमार, धर्मपाल, नरैैण सिंह, वीरेंद्र सिंह, विमला देवी, उमेश कुमार, जगजीत सिंह, अनिल कुमार और राज कुमार ने बताया कि दिनप्रतिदिन बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे मक्की की फसल को नुकसान हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि बंदरों के झुंड को पकड़कर आबादी वाले इलाके से बाहर छोड़ा जाए।
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