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थालियों से गायब होने लगीं हरी सब्जियां
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चंबा शहर में सब्जी खरीदतीं महिलाएं।
- फोटो : Chamba
चंबा। बढ़ती महंगाई के बीच मध्य और निम्न वर्ग के परिवारों की थालियों से धीरे-धीरे हरी सब्जियां गायब होने लगी हैं। चंबा शहर की बात की जाए तो यहां एक सप्ताह में सब्जियों के दामों में पांच से दस रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोतरी हुई है। सब्जियों के दामों में एकाएक आने वाले उछाल से गृहिणियों का बजट गड़बड़ा गया है। लिहाजा, सब्जी मंडी पहुंचने पर महिलाएं सब्जियों को मोलभाव कर ही बजट के हिसाब से खरीद रही हैं। सब्जियों के बढ़े दामों से महिलाएं एक किलोग्राम की बजाय आधा किलोग्राम सब्जी खरीद रही हैं। वहीं, बढ़ती महंगाई की वजह से सब्जी विक्रेताओं के चेहरों पर भी मायूसी साफ देखी जा सकती है। बुधवार को संवाददाता ने सब्जियों के बढ़े दामों को लेकर कुछ गृहिणियों से बात कर उनके विचार जाने।
गड़बड़ा गया महीने का बजट
उदयपुर निवासी अंबिका देवी ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से उनका महीने का बजट गड़बड़ा गया है। अब उन्हें रसोई का खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है। कहा कि सरकार भी महंगाई पर रोक नहीं लगा पा रही है।
किलो की जगह खरीद रहीं आधा किलो
राजपुरा निवासी इंद्रा देवी ने बताया कि सब्जियों के दाम कम होने की सूरत में वह इच्छानुसार सब्जियां खरीद कर ले जाती थीं। लेकिन, अब सब्जियों के बढ़े दामों की वजह से वह किलो की जगह आधा किलो ही खरीद रही हैं।
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तड़का लगाना भी हुआ महंगा
मैहला निवासी खेलो देवी ने बताया कि प्याज के दाम में दस रुपये के उछाल से अब सब्जियों में तड़का लगाना भी महंगा हो गया है। इसके अलावा आलू, प्याज, बंदगोभी और मटर के दाम बढ़ने से वह कम सब्जियां खरीद पा रही हैं।
पहेल की अपेक्षा कम मात्रा में ला रहे सब्जियां
सब्जी विक्रेता विक्की ने बताया कि सब्जियों के दाम कम-ज्यादा होते रहते हैं। कहा कि सब्जियों के दाम बढ़ने के बाद अब लोग अधिक सब्जी खरीदने से भी परहेज करने लगे हैं।
सब्जी विक्रेता देविंद्र ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से वह सब्जी मंडियों से कम मात्रा में सब्जियां बेचने के लिए ला रहे हैं।
सब्जी विक्रेता लक्की ने बताया कि महिलाएं अब सब्जियों के दामों को लेकर अधिक मोलभाव कर रही हैं। जबकि, पहले महिलाएं कम दामों पर अधिक सब्जियां खरीद लेती थीं।
इनसेट
सब्जियों के दाम एक सप्ताह पहले अब
प्याज 40 50
शिमला मिर्च 55 60
फ्रासबीन 30 40
मटर 30 40
बंदगोभी 25 30
आलू 20 30
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गड़बड़ा गया महीने का बजट
उदयपुर निवासी अंबिका देवी ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से उनका महीने का बजट गड़बड़ा गया है। अब उन्हें रसोई का खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है। कहा कि सरकार भी महंगाई पर रोक नहीं लगा पा रही है।
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किलो की जगह खरीद रहीं आधा किलो
राजपुरा निवासी इंद्रा देवी ने बताया कि सब्जियों के दाम कम होने की सूरत में वह इच्छानुसार सब्जियां खरीद कर ले जाती थीं। लेकिन, अब सब्जियों के बढ़े दामों की वजह से वह किलो की जगह आधा किलो ही खरीद रही हैं।
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तड़का लगाना भी हुआ महंगा
मैहला निवासी खेलो देवी ने बताया कि प्याज के दाम में दस रुपये के उछाल से अब सब्जियों में तड़का लगाना भी महंगा हो गया है। इसके अलावा आलू, प्याज, बंदगोभी और मटर के दाम बढ़ने से वह कम सब्जियां खरीद पा रही हैं।
पहेल की अपेक्षा कम मात्रा में ला रहे सब्जियां
सब्जी विक्रेता विक्की ने बताया कि सब्जियों के दाम कम-ज्यादा होते रहते हैं। कहा कि सब्जियों के दाम बढ़ने के बाद अब लोग अधिक सब्जी खरीदने से भी परहेज करने लगे हैं।
सब्जी विक्रेता देविंद्र ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से वह सब्जी मंडियों से कम मात्रा में सब्जियां बेचने के लिए ला रहे हैं।
सब्जी विक्रेता लक्की ने बताया कि महिलाएं अब सब्जियों के दामों को लेकर अधिक मोलभाव कर रही हैं। जबकि, पहले महिलाएं कम दामों पर अधिक सब्जियां खरीद लेती थीं।
इनसेट
सब्जियों के दाम एक सप्ताह पहले अब
प्याज 40 50
शिमला मिर्च 55 60
फ्रासबीन 30 40
मटर 30 40
बंदगोभी 25 30
आलू 20 30