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Chamba News: चंबा के निचले क्षेत्रों में लहलहा रहे सेब के बगीचे
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चंबा के निचले क्षेत्रों में लहलहा रहे सेब के बगीचे
भटियात क्षेत्र में बढ़ा लीची, सेब की बागवानी की ओर रुझान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। जिले के निचले क्षेत्रों में अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ लोगों का बागवानी की ओर भी रुझान बढ़ने लगा है। विशेषकर भटियात उपमंडल की कई पंचायतों में बागवान अब लीची और सेब की बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। उन्हें इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय बागवानों ने करीब पांच साल पहले सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फल देना शुरू कर चुके हैं। पहले जहां सेब की खेती केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित मानी जाती थी, अब वहीं बदलते मौसम, बेहतर किस्मों के पौधे और वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से निचले क्षेत्रों में भी यह मुमकिन हो सका है। भटियात क्षेत्र की कुछ पंचायतों में किसानों ने परंपरागत फसलों के स्थान पर लीची और सेब की बागवानी को अपनाया है। इससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हो रहा है और युवा वर्ग भी खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हो रहा है। स्थानीय बागवानों कुलभूषण, करनैल सिंह, भीम सिंह, सुरेंद्र कुमार आदि का कहना है कि सिंचाई सुविधा मिले तो आने वाले समय में यह क्षेत्र सेब उत्पादन में एक नया मुकाम हासिल कर सकता है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह का कहना है कि अब निचले क्षेत्रों में बागवान सेब की पैदावार शुरू कर रहे हैं। अगर किसी बागवान को लीची और सेब के पौधे की आवश्यकता है तो विभाग के साथ संपर्क कर सकते हैं।
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भटियात क्षेत्र में बढ़ा लीची, सेब की बागवानी की ओर रुझान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। जिले के निचले क्षेत्रों में अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ लोगों का बागवानी की ओर भी रुझान बढ़ने लगा है। विशेषकर भटियात उपमंडल की कई पंचायतों में बागवान अब लीची और सेब की बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। उन्हें इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय बागवानों ने करीब पांच साल पहले सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फल देना शुरू कर चुके हैं। पहले जहां सेब की खेती केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित मानी जाती थी, अब वहीं बदलते मौसम, बेहतर किस्मों के पौधे और वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से निचले क्षेत्रों में भी यह मुमकिन हो सका है। भटियात क्षेत्र की कुछ पंचायतों में किसानों ने परंपरागत फसलों के स्थान पर लीची और सेब की बागवानी को अपनाया है। इससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हो रहा है और युवा वर्ग भी खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हो रहा है। स्थानीय बागवानों कुलभूषण, करनैल सिंह, भीम सिंह, सुरेंद्र कुमार आदि का कहना है कि सिंचाई सुविधा मिले तो आने वाले समय में यह क्षेत्र सेब उत्पादन में एक नया मुकाम हासिल कर सकता है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह का कहना है कि अब निचले क्षेत्रों में बागवान सेब की पैदावार शुरू कर रहे हैं। अगर किसी बागवान को लीची और सेब के पौधे की आवश्यकता है तो विभाग के साथ संपर्क कर सकते हैं।
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