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Bilaspur News: फोरलेन भूमि अधिग्रहण में रिकॉर्ड गड़बड़ी की जांच के लिए हुई बैठक रही बेनतीजा

Mon, 15 Sep 2025 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 15 Sep 2025 11:29 PM IST
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The meeting held to investigate the record irregularities in the four-lane land acquisition remained inconclusive
एक्सक्लूसिव
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एनएचएआई और तहसीलदार के रिकॉर्ड में पाया गया चार कर्म का अंतर
एसडीएम ने कहा,चार कर्म का अंतर गंभीर, भूमि अधिग्रहण रिकॉर्ड होगा प्रभावित
अगली बैठक के लिए एनएचएआई, तहसीलदार को स्थान चयन करने के निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर–नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए धराड़सानी और आसपास की भूमि अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आने को लेकर सोमवार को झंडूता उपमंडल कार्यालय में बैठक हुई। एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में तहसील झंडूता और एनएचएआई के रिकॉर्ड में चौड़ाई को लेकर भारी अंतर पाया गया। करीब दो घंटे चली यह बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
बैठक में तहसील झंडूता का रिकॉर्ड 27 कर्म चौड़ाई दर्शा रहा है, जबकि एनएचएआई की विशेष इकाई बिलासपुर के दस्तावेजों में सड़क की चौड़ाई 31 कर्म दर्ज है। एसडीएम ने कहा कि एक-दो कर्म का मामूली फर्क तो समझा जा सकता है, लेकिन पांच कर्म का अंतर गंभीर है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का रिकॉर्ड इससे प्रभावित होगा। बताते चलें कि विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल ने 22 अगस्त को आवेदन देकर सड़क चौड़ाई में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसी संदर्भ में यह बैठक बुलाई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि रिकॉर्ड में अंतर के कारण प्रभावित परिवारों को मुआवजा और जमीन के हो चुके अधिग्रहण के राजस्व रिकॉर्ड में भारी परेशानी हो रही है। बैठक में एनएचएआई के कानूनगो ने स्वीकार किया कि उनका रिकॉर्ड मोमी (माप) के आधार पर तैयार किया गया है। वहीं तहसील झंडूता के राजस्व अधिकारियों ने कहा कि इंतकाल की एक पर्थ पटवार पटवार सर्कल समलेटा में उपलब्ध है, जो असली आधार है और एक नकल झंडूता राजस्व विभाग में है। निशानदेही आदि की प्रक्रिया भी उसी के अनुसार अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों का कहना था कि मोमी आधारित रिकॉर्ड के कारण ही यह बड़ा अंतर सामने आया है। एसडीएम ने दोनों पक्षों को कड़े शब्दों में कहा कि यह अंतर प्रभावित लोगों के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने तहसीलदार झंडूता और एनएचएआई की विशेष इकाई को निर्देश दिए कि स्थल चयन कर अगली बैठक से पहले स्थिति स्पष्ट करें।
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एसडीएम ने यह भी कहा कि समाधान निकाले बिना भूमि अधिग्रहण में बरती अनियमितताओं की दुरुस्ती की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यह भी तय किया गया कि आगामी बैठक के लिए एनएचएआई मुख्यालय बिलासपुर और तहसील झंडूता मिलकर स्थल का चयन करें। इसके बाद अगली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बैठक में योजना अधिकारी शगुन शर्मा, क्षेत्रीय कानूनगो भारत भूषण, पटवारी कपिल कुमार, विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल, एनएचएआई सर्वे टीम, विशेष इकाई बिलासपुर के कानूनगो और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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