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Bilaspur News: डॉक्टर के बिना बीमार पड़ी नयना देवी की आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी
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श्री नयना देवी जी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
श्री नयना देवी में डेढ़ माह से चिकित्सक नहीं,पंचकर्म सेवा भी बंद,मरीज परेशान
दाई और फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा स्वास्थ्य संस्थान
तरुणेश शर्मा
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। नगर परिषद श्री नयना देवी क्षेत्र में स्थानीय लोगों और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा देने वाली आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी इन दिनों खुद बदहाल है। यहां चिकित्सक का पद करीब डेढ़ माह से रिक्त है। चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल घवांडल जाना पड़ रहा है। वर्तमान में डिस्पेंसरी की स्वास्थ्य सेवाएं एक मिडवाइफ (दाई) और फार्मासिस्ट के सहारे चल रही हैं। श्री नयना देवी जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण पंचकर्म सेवा भी लंबे समय से बंद है। इससे पंचकर्म के माध्यम से उपचार और स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेलों और विशेष पर्वों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में चिकित्सक और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। डिस्पेंसरी के भवन की हालत भी ठीक नहीं है। बारिश के दौरान कमरों की छतों से पानी टपक रहा है। इससे भवन को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। वहीं, चपरासी और सफाई कर्मी के पद भी लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण संस्थान की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। डिस्पेंसरी सुबह 9:30 बजे खुलती है और शाम चार बजे बंद हो जाती है। इसके बाद किसी व्यक्ति या श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर घवांडल अस्पताल या निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है। श्री नयना देवी शक्तिपीठ में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द चिकित्सक की नियुक्ति करने, पंचकर्म सेवा बहाल करने और रिक्त पद भरने की मांग की है। वहीं जिला आयुष अधिकारी सुखविंद्र कौर ने बताया कि डिस्पेंसरी में प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक भेजने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। संवाद
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
भरत भूषण ने कहा कि श्री नयना देवी में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। यहां पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं होना जरूरी है।
शेम पाल ने कहा कि चिकित्सक न होने से छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी लोगों को घवांडल जाना पड़ रहा है। जल्द नियुक्ति होनी चाहिए।
अंकुश खन्ना ने कहा कि पंचकर्म सेवा बंद होने से आयुर्वेदिक उपचार लेने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
प्रभव शर्मा ने कहा कि बारिश में डिस्पेंसरी की छत से पानी टपकता है। भवन की मरम्मत भी जरूरी है।
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दाई और फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा स्वास्थ्य संस्थान
तरुणेश शर्मा
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। नगर परिषद श्री नयना देवी क्षेत्र में स्थानीय लोगों और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा देने वाली आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी इन दिनों खुद बदहाल है। यहां चिकित्सक का पद करीब डेढ़ माह से रिक्त है। चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल घवांडल जाना पड़ रहा है। वर्तमान में डिस्पेंसरी की स्वास्थ्य सेवाएं एक मिडवाइफ (दाई) और फार्मासिस्ट के सहारे चल रही हैं। श्री नयना देवी जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण पंचकर्म सेवा भी लंबे समय से बंद है। इससे पंचकर्म के माध्यम से उपचार और स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेलों और विशेष पर्वों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में चिकित्सक और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। डिस्पेंसरी के भवन की हालत भी ठीक नहीं है। बारिश के दौरान कमरों की छतों से पानी टपक रहा है। इससे भवन को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। वहीं, चपरासी और सफाई कर्मी के पद भी लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण संस्थान की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। डिस्पेंसरी सुबह 9:30 बजे खुलती है और शाम चार बजे बंद हो जाती है। इसके बाद किसी व्यक्ति या श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर घवांडल अस्पताल या निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है। श्री नयना देवी शक्तिपीठ में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द चिकित्सक की नियुक्ति करने, पंचकर्म सेवा बहाल करने और रिक्त पद भरने की मांग की है। वहीं जिला आयुष अधिकारी सुखविंद्र कौर ने बताया कि डिस्पेंसरी में प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक भेजने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। संवाद
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
भरत भूषण ने कहा कि श्री नयना देवी में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। यहां पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं होना जरूरी है।
शेम पाल ने कहा कि चिकित्सक न होने से छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी लोगों को घवांडल जाना पड़ रहा है। जल्द नियुक्ति होनी चाहिए।
अंकुश खन्ना ने कहा कि पंचकर्म सेवा बंद होने से आयुर्वेदिक उपचार लेने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
प्रभव शर्मा ने कहा कि बारिश में डिस्पेंसरी की छत से पानी टपकता है। भवन की मरम्मत भी जरूरी है।

श्री नयना देवी जी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

श्री नयना देवी जी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

श्री नयना देवी जी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

श्री नयना देवी जी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
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