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पदोन्नति कोटे में छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : एचपीपीएसएलए

Tue, 08 Sep 2026 12:19 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:19 AM IST
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Tampering with promotion quota will not be tolerated: HPPSLA
बोले, 28 से 29 साल सेवा के बाद भी कई शिक्षक बिना पदोन्नति हो रहे सेवानिवृत्त
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800 रिक्त हेडमास्टर पद जल्द भरने की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश प्रमोटी स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (एचपीपीएसएलए) ने सीधी भर्ती से नियुक्त कुछ प्रवक्ताओं की ओर से प्रधानाचार्य और हेडमास्टर पदों की पदोन्नति व्यवस्था में बदलाव की मांग का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि दोनों श्रेणियों के लिए निर्धारित 50-50 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रदेशाध्यक्ष यशपाल रानौत, वित्त सचिव रवि दास, जिला कांगड़ा अध्यक्ष महेंद्र, जिला बिलासपुर अध्यक्ष लेख राम समेत सभी जिला अध्यक्षों और सचिवों ने शिक्षा विभाग से करीब 800 रिक्त हेडमास्टर पदों को जल्द पदोन्नति से भरने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों को इससे राहत मिलेगी। प्रदेशाध्यक्ष यशपाल रानौत ने कहा कि कुछ लोग केवल करीब 972 हेडमास्टर पदों को आधार बनाकर पदोन्नति व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग के व्यापक पदोन्नति ढांचे और विभिन्न फीडर कैडरों की वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदेश में करीब 26 हजार टीजीटी शिक्षक कार्यरत हैं। इसके अलावा जेबीटी और सीएंडवी वर्ग के शिक्षक भी सेवा क्रम के आधार पर पदोन्नति पाकर हेडमास्टर और आगे प्रधानाचार्य पद तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि टीजीटी वर्ग के कई शिक्षकों को पदोन्नति के लिए 28 से 29 वर्ष तक सेवा करनी पड़ती है। वहीं, कई शिक्षक पूरी सेवा करने के बावजूद बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इससे शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। एचपीपीएसएलए ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
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