{"_id":"62e175677d844316dc10d8f1","slug":"sri-nainadevi-ji-temple-to-remain-open-22-hours-for-shravan-ashtmi-fair-bilaspur-news-sml416529574","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रावण अष्टमी मेलों में दर्शनों के लिए 22 घंटे खुला रहेगा श्री नयना देवी जी मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रावण अष्टमी मेलों में दर्शनों के लिए 22 घंटे खुला रहेगा श्री नयना देवी जी मंदिर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान 29 जुलाई से छह अगस्त तक श्री नयना देवी देवी जी मंदिर में माता नयना देवी जी की पांच आरतियों की समयसारिणी में बदलाव किया गया है। मंदिर मेलों के दौरान 22 घंटे खुला रहेगा।
आम दिनों में सुबह 4:00 बजे मंगल आरती होती थी, प्रात:कालीन शृंगार आरती सुबह 6:00 बजे होती थी, इसके अलावा सायंकालीन आरती जो शाम को 7:30 बजे होती थी और 9:30 बजे रात को शयन आरती के समय में फेरबदल किया है।
मेले के दौरान चारों आरतियां रात्रि 12:00 से 2:00 के बीच में होंगी। मध्याह्न आरती के समय में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। मेले के दौरान मंदिर के कपाट मात्र ढाई घंटे के लिए ही बंद रहेंगे।
विज्ञापन
अन्य समय में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले रहेंगे। मंगल आरती में माता नयना को मेवे का भोग लगाया जाएगा जबकि प्रात: कालीन शृंगार आरती में हलवा और बर्फी का प्रसाद दिया जाएगा।
विज्ञापन
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान 29 जुलाई से छह अगस्त तक श्री नयना देवी देवी जी मंदिर में माता नयना देवी जी की पांच आरतियों की समयसारिणी में बदलाव किया गया है। मंदिर मेलों के दौरान 22 घंटे खुला रहेगा।
आम दिनों में सुबह 4:00 बजे मंगल आरती होती थी, प्रात:कालीन शृंगार आरती सुबह 6:00 बजे होती थी, इसके अलावा सायंकालीन आरती जो शाम को 7:30 बजे होती थी और 9:30 बजे रात को शयन आरती के समय में फेरबदल किया है।
विज्ञापन
मेले के दौरान चारों आरतियां रात्रि 12:00 से 2:00 के बीच में होंगी। मध्याह्न आरती के समय में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। मेले के दौरान मंदिर के कपाट मात्र ढाई घंटे के लिए ही बंद रहेंगे।
विज्ञापन
अन्य समय में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले रहेंगे। मंगल आरती में माता नयना को मेवे का भोग लगाया जाएगा जबकि प्रात: कालीन शृंगार आरती में हलवा और बर्फी का प्रसाद दिया जाएगा।