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किशोरों की साइबर सुरक्षा के लिए बनेगी एसओपी : उपायुक्त

Wed, 25 Feb 2026 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 25 Feb 2026 11:41 PM IST
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SOP to be made for cyber security of teenagers: Deputy Commissioner
साइबर सुरक्षा को लेकर गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त। स्रोत: डीपीआरओ
एसओपी बनाने वाला देश का पहला जिला बनेगा बिलासपुर
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जिला स्तरीय समिति की बैठक में लिया निर्णय
किशोरों के लिए संस्थागत साइबर सुरक्षा ढांचा होगा विकसित


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने किशोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम पहल शुरू की है। उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में किशोरों की साइबर सुरक्षा को केंद्र में रखकर दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासन का दावा है कि यह पहल बिलासपुर को देश का पहला ऐसा जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी, जहां किशोरों के लिए संस्थागत साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ा है और इसका सबसे अधिक प्रभाव किशोर वर्ग पर पड़ रहा है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल लेनदेन और वर्चुअल मंचों ने अवसर बढ़ाए हैं, लेकिन ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, फर्जी प्रोफाइल, पहचान की चोरी, गेमिंग की लत और साइबर धोखाधड़ी जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे में जिला स्तर पर स्पष्ट और प्रभावी दिशानिर्देश जरूरी हैं। बताया कि प्रस्तावित साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश और एसओपी का प्रारूप राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के दौरान जारी किया जाएगा। इसके तहत स्कूलों, महाविद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों के लिए साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल तय होंगे। शिक्षकों के लिए संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग व्यवस्था, परामर्श तंत्र और मनोसामाजिक सहयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। अभिभावकों के लिए डिजिटल पेरेंटिंग संबंधी मार्गदर्शिका भी तैयार होगी, ताकि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर जिम्मेदारी से नजर रख सकें।
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इस विषय पर चर्चा इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा और मातृ सुधा चैरिटेबल ट्रस्ट नई दिल्ली के सहयोग से हुई। तकनीकी सहयोग ट्रस्ट के निदेशक और “साइबर चक्रव्यूह” के सह-संस्थापक अरविंद सिंह दे रहे हैं। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी को पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो विभिन्न विभागों में समन्वय कर कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि एसओपी तैयार करने के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। इसमें शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, आईटी विशेषज्ञ और बाल संरक्षण इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उद्देश्य व्यवहारिक और प्रभावी ढांचा तैयार करना है।
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उपायुक्त ने कहा कि यह पहल केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे संस्थागत स्वरूप दिया जाएगा, ताकि दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो सके। किशोरों की डिजिटल सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल, सचिव रेडक्रॉस सोसायटी अमित कुमार, बाल सुरक्षा अधिकारी सत्या चंदेल, सुशील पुंडीर, अनिश ठाकुर, उप निदेशक शिक्षा विभाग सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों समेत 35 प्रतिभागियों ने सुझाव दिए।
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