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Bilaspur News: श्री राम ने किया रावण का वध
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रौड़ा सेक्टर में बाल राम नाटक समिति की ओर से रामलीला का आयोजन
- बाल राम नाटक में बाल कलाकारों ने अपने अभिनय की छोड़ी अमिट छाप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रौड़ा सेक्टर में बाल राम नाटक समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला के दसवें दिन रावण वध के दृश्य को भव्य तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर बाल कलाकारों ने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। इससे पहले दशहरा पर्व मनाया गया, शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसमें श्री राम, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव और विभीषण और वानर सेना ने भाग लिया। यह शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए दोबारा रौड़ा सेक्टर पहुंची। जहां पर समिति द्वारा बनाए गए रावण और कुंभकरण के पुतलों का प्रभु राम द्वारा दहन किया गया।
इस मौके पर भव्य आतिशबाजी भी की गई, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। वहीं इस संध्या में विभीषण द्वारा बताए गए स्थान पर जब राम धुनष से बाण मारते हैं तो रावण लड़खड़ाकर धरती पर गिर जाता है। ऐसे में भगवान राम लक्ष्मण को उनके पास नीति पर उपदेश प्राप्त करने के लिए भेजते हैं। असहनीय पीड़ा से कराह रहे रावण ने कहा कि भले काम में विलंब और बुरे कार्य में शीघ्रता कभी नहीं करनी चाहिए। सीता हरण दुष्कार्य था जिसे बिना सोचे कर दिया। भगवान राम से मेरा मैत्री भाव पनप न सका था, इसलिए शत्रुभाव अपनाना पड़ा। रावण ने कराहते हुए दम तोड़ा तो समूचा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अगले दृश्य में माता सीता की अग्निपरीक्षा दिखाई गई। इसी दृश्य में भगवान राम ने सभी का सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया।
वहीं विभीषण, हनुमान, सुग्रीव,जामवंत आदि ने उनके साथ अयोध्या जाने की इच्छा प्रकट की और पुष्पक विमान पर बैठकर अयोध्या आ गए। यहां पर भाई से मिलने के लिए व्याकुल भरत और शत्रुघ्न को जब पता चलता है कि भगवान राम भैया लक्ष्मण और माता सीता अयोध्या आ गए हैं तो उनकी प्रसन्नता छुपे नहीं छुपती। वे नंगे पैर भाग कर उनके गले लग जाते हैं। भाइयों के प्रेम के इस दृश्य में सभी किरदारों ने जान फूंकी। इस संध्या में राजन, मनू, बंटी, पवन, देवांश, माधव और इंतिन हांडा, सृजन डोगरा ने अहम भूमिका निभाई। वहीं बाल राम नाटक समिति के प्रधान सुमित शर्मा ने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पर्दे के पीछे शीन मोहम्मद, मोहम्मद ताहिर गोलू, वसीम, अनीश, शहबाज, आरब खान,अमजद खान, ताहिब खान, हाशिम, दीपक व राजन आदि अहम रोल निभा रहे हैं।
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- बाल राम नाटक में बाल कलाकारों ने अपने अभिनय की छोड़ी अमिट छाप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रौड़ा सेक्टर में बाल राम नाटक समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला के दसवें दिन रावण वध के दृश्य को भव्य तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर बाल कलाकारों ने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। इससे पहले दशहरा पर्व मनाया गया, शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसमें श्री राम, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव और विभीषण और वानर सेना ने भाग लिया। यह शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए दोबारा रौड़ा सेक्टर पहुंची। जहां पर समिति द्वारा बनाए गए रावण और कुंभकरण के पुतलों का प्रभु राम द्वारा दहन किया गया।
इस मौके पर भव्य आतिशबाजी भी की गई, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। वहीं इस संध्या में विभीषण द्वारा बताए गए स्थान पर जब राम धुनष से बाण मारते हैं तो रावण लड़खड़ाकर धरती पर गिर जाता है। ऐसे में भगवान राम लक्ष्मण को उनके पास नीति पर उपदेश प्राप्त करने के लिए भेजते हैं। असहनीय पीड़ा से कराह रहे रावण ने कहा कि भले काम में विलंब और बुरे कार्य में शीघ्रता कभी नहीं करनी चाहिए। सीता हरण दुष्कार्य था जिसे बिना सोचे कर दिया। भगवान राम से मेरा मैत्री भाव पनप न सका था, इसलिए शत्रुभाव अपनाना पड़ा। रावण ने कराहते हुए दम तोड़ा तो समूचा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अगले दृश्य में माता सीता की अग्निपरीक्षा दिखाई गई। इसी दृश्य में भगवान राम ने सभी का सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया।
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वहीं विभीषण, हनुमान, सुग्रीव,जामवंत आदि ने उनके साथ अयोध्या जाने की इच्छा प्रकट की और पुष्पक विमान पर बैठकर अयोध्या आ गए। यहां पर भाई से मिलने के लिए व्याकुल भरत और शत्रुघ्न को जब पता चलता है कि भगवान राम भैया लक्ष्मण और माता सीता अयोध्या आ गए हैं तो उनकी प्रसन्नता छुपे नहीं छुपती। वे नंगे पैर भाग कर उनके गले लग जाते हैं। भाइयों के प्रेम के इस दृश्य में सभी किरदारों ने जान फूंकी। इस संध्या में राजन, मनू, बंटी, पवन, देवांश, माधव और इंतिन हांडा, सृजन डोगरा ने अहम भूमिका निभाई। वहीं बाल राम नाटक समिति के प्रधान सुमित शर्मा ने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पर्दे के पीछे शीन मोहम्मद, मोहम्मद ताहिर गोलू, वसीम, अनीश, शहबाज, आरब खान,अमजद खान, ताहिब खान, हाशिम, दीपक व राजन आदि अहम रोल निभा रहे हैं।
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