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प्रदेश की स्थिति देख रेल लाइन में खर्च किए 1300 करोड़ हों रिफंड : धर्माणी
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- 1800 करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग गलत
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। केंद्र सरकार को प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा रेल लाइन परियोजना पर खर्च किए 1300 करोड़ रुपये रिफंड करने चाहिए। यह बात घुमारवीं विधायक राजेश धर्माणी ने कही।
सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वाकांक्षी परियोजना भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन को लेकर बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत सरकार का प्रोजेक्ट होने के बावजूद रेल लाइन निर्माण को लेकर केंद्र ने अपने हाथ पीछे खींचते हुए जबरदस्ती प्रदेश सरकार पर कुल प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत वहन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है। इसके सीमित साधन हैं। इसके साथ ही प्रदेश की जनता भारी प्राकृतिक आपदा से जूझी है। ऐसे में प्रदेश सरकार केंद्र से कोई विशेष मदद न मिलने पर अपने सीमित साधनों के जरिए ही प्राकृतिक आपदा प्रभावित लोगों को मदद करने में जुटी है। इस पर रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा 1800 करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग गलत है। कहा कि प्रदेश सरकार अब तक इस 1300 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री और मंत्री अनुराग ठाकुर से इस पैसे को वापस करने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। केंद्र सरकार को प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा रेल लाइन परियोजना पर खर्च किए 1300 करोड़ रुपये रिफंड करने चाहिए। यह बात घुमारवीं विधायक राजेश धर्माणी ने कही।
सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वाकांक्षी परियोजना भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन को लेकर बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत सरकार का प्रोजेक्ट होने के बावजूद रेल लाइन निर्माण को लेकर केंद्र ने अपने हाथ पीछे खींचते हुए जबरदस्ती प्रदेश सरकार पर कुल प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत वहन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है। इसके सीमित साधन हैं। इसके साथ ही प्रदेश की जनता भारी प्राकृतिक आपदा से जूझी है। ऐसे में प्रदेश सरकार केंद्र से कोई विशेष मदद न मिलने पर अपने सीमित साधनों के जरिए ही प्राकृतिक आपदा प्रभावित लोगों को मदद करने में जुटी है। इस पर रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा 1800 करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग गलत है। कहा कि प्रदेश सरकार अब तक इस 1300 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री और मंत्री अनुराग ठाकुर से इस पैसे को वापस करने की मांग की है।
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