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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Rocks falling from the hills; a one-kilometer stretch of road near Mandwa Bridge has become deadly.

Bilaspur News: पहाड़ियों से गिर रहे पत्थर, मांडवा पुल के पास एक किलोमीटर सड़क बनी जानलेवा

Sat, 05 Sep 2026 12:16 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:16 AM IST
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Rocks falling from the hills; a one-kilometer stretch of road near Mandwa Bridge has become deadly.
मांडवा पुल के पास सड़क पर पहाड़ी से गिरा मलबा। संवाद
क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर और सड़क पर बने गड्ढों से वाहन चालकों परेशान
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ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के उपमंडल मुख्यालय को भगेड़, पनौल, विजयपुर, समोह, झंडूता, मांडवा, भड़ोलीकलां, शाहतलाई, बड़सर और ऊना से जोड़ने वाले सड़क मार्ग पर मांडवा पुल के आसपास करीब एक किलोमीटर हिस्सा वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बरसात के मौसम में पुल के दोनों ओर की पहाड़ियों से पत्थर और चट्टानें गिरने से यहां से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। वहीं, कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर दुर्घटना के खतरे को और बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते वर्ष बरसात के दौरान पहाड़ियों से भारी-भरकम चट्टानें गिरने के कारण सड़क किनारे लगे कई क्रैश बैरियर टूट गए थे। इसके बावजूद इन्हें अभी तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया है। ऐसे में सड़क के किनारे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से वाहन चालकों को हर समय हादसे का डर सताता रहता है। इसके अलावा सड़क पर पानी की निकासी के लिए बनाए गए रैंप के एक-दो स्थानों पर गड्ढे पड़े हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। रात के समय इन स्थानों पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से मांडवा पुल क्षेत्र में सड़क को वाहनों के साथ-साथ पैदल राहगीरों के लिए भी सुरक्षित बनाने की मांग की है।
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मांडवा पुल झंडूता विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। क्षेत्र की आधी आबादी के अलावा जिला के अन्य क्षेत्रों और बाहरी राज्यों की ओर जाने वाले लोग भी इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। इसके चलते सड़क पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। हालांकि अधिकांश हिस्से में सड़क बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराती है, लेकिन मांडवा पुल के आसपास का करीब एक किलोमीटर खतरनाक हिस्सा लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मांडवा पुल यातायात के लिए खुलने के बाद से ही बारिश के दौरान इस क्षेत्र में पहाड़ियों से पत्थर, मिट्टी और मलबा सड़क पर गिरता रहा है। कई बार सड़क मार्ग बाधित होने से यातायात भी प्रभावित होता है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व विधायक जीत राम कटवाल ने अपने पहले कार्यकाल में मांडवा पुल क्षेत्र की समस्या को देखते हुए पुल निर्माण की योजना को गति प्रदान की थी। लोक निर्माण विभाग ने करीब एक किलोमीटर के खतरनाक हिस्से को छोड़कर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। लोगों ने विभाग से सड़क के खतरनाक हिस्से का निरीक्षण कर जल्द क्रैश बैरियर दुरुस्त करने, रैंप की मरम्मत और पहाड़ियों से गिरने वाले मलबे को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

कोट
सड़क को सुरक्षित करने के लिए क्रैश बैरियर और रैंप वाले हिस्से में कार्य करने का जल्द प्रयास किया जाएगा।
-ज्ञान चंद शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झंडूता
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