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Bilaspur News: मछुआरों को प्रतिबंध के दौरान दी जाए राहत राशि
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- डोहक मत्स्य सोसायटी ने विभाग से उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में 15 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा है। मछुआरों ने प्रतिबंध के दौरान परिवार के पालन पोषण के लिए राहत राशि देने की मांग की है।
डोहक मत्स्य सोसायटी के प्रधान देशराज सहित ओमकार चंद, विक्की, पवन कुमार, बलदेव, कमलजीत, रचना देवी, कृषणी देवी ने बताया कि मत्स्य विभाग की ओर से कुछ राहत राशि प्रतिबंध के समय कई साल पहले मिलती थी। अब प्रतिबंध हटने के बाद राहत मिलती है। कई मछुआरे तो इसी व्यवसाय पर निर्भर हैं। कुछ मछुआरे तो मजदूरी कर लेते हैं। कुछ तो मजदूरी भी नहीं कर सकते हैं, जिन्हें परिवार चलाना बहुत मुश्किल हो गया है । उन्होंने सरकार और मत्स्य विभाग से आग्रह किया है कि राहत राशि प्रतिबंध के दौरान दी जाए। साथ ही राहत राशि काे भी बढ़ाया जाए। ताकि दो महीनों के प्रतिबंध के दौरान मछुआरों को कुछ राहत मिल सके। प्रतिबंध के दौरान झील में सुबह शाम की रौनक भी बहुत ही कम है, क्योंकि मछुआरों की नावें झील के किनारे पर बंधी हुई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में 15 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा है। मछुआरों ने प्रतिबंध के दौरान परिवार के पालन पोषण के लिए राहत राशि देने की मांग की है।
डोहक मत्स्य सोसायटी के प्रधान देशराज सहित ओमकार चंद, विक्की, पवन कुमार, बलदेव, कमलजीत, रचना देवी, कृषणी देवी ने बताया कि मत्स्य विभाग की ओर से कुछ राहत राशि प्रतिबंध के समय कई साल पहले मिलती थी। अब प्रतिबंध हटने के बाद राहत मिलती है। कई मछुआरे तो इसी व्यवसाय पर निर्भर हैं। कुछ मछुआरे तो मजदूरी कर लेते हैं। कुछ तो मजदूरी भी नहीं कर सकते हैं, जिन्हें परिवार चलाना बहुत मुश्किल हो गया है । उन्होंने सरकार और मत्स्य विभाग से आग्रह किया है कि राहत राशि प्रतिबंध के दौरान दी जाए। साथ ही राहत राशि काे भी बढ़ाया जाए। ताकि दो महीनों के प्रतिबंध के दौरान मछुआरों को कुछ राहत मिल सके। प्रतिबंध के दौरान झील में सुबह शाम की रौनक भी बहुत ही कम है, क्योंकि मछुआरों की नावें झील के किनारे पर बंधी हुई हैं।
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