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Bilaspur News: लापरवाही के सफर पर निजी बसें, न वर्दी की परवाह न नियमों का खौफ

Fri, 06 Feb 2026 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 06 Feb 2026 11:44 PM IST
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Private buses travel carefree, neither concerned about uniforms nor afraid of rules
बिलासपुर की एक निजी बस चलाते समय फोन पर बात करता चालक। स्रोत: जागरूक पाठक
स्टीयरिंग पर हाथ, कान पर मोबाइल रखकर चलाई जा रही बसें
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संवाद न्यूज एजेंसी

भराड़ी (बिलासपुर)। जिले की सड़कों पर दौड़ रही निजी व सरकारी बसों में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बस चालक और परिचालक नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। आलम यह है कि मुनाफे के चक्कर में रोजाना सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बसों का संचालन किया जा रहा है। सड़कों पर अक्सर देखा जा रहा है कि चालक चलती बस में मोबाइल फोन पर बातचीता करते हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे का सबब बन सकता है। इसके साथ ही, बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरना आम बात हो गई है। ओवरलोडिंग के कारण बस के भीतर तिल धरने की जगह नहीं बचती, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों का निकलना मुश्किल हो सकता है। घुमारवीं बस स्टैंड की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां बस स्टैंड से चौक तक की चंद कदमों की दूरी तय करने में चालक 10 मिनट तक का समय लगा देते हैं ताकि अधिक से अधिक सवारियां भरी जा सकें। इससे सड़क पर लंबा जाम लगता है और यातायात बाधित होता है। स्टैंड पर समय गंवाने के बाद, अगले रूट पर समय की भरपाई के लिए चालक बसों को अंधाधुंध गति से दौड़ाते हैं। कई बसों के दरवाजे चलते समय खुले रहते हैं, जो किसी भी मोड़ पर जानलेवा साबित हो सकते हैं। बसों में लगे तेज म्यूजिक सिस्टम यात्रियों के लिए मुसीबत बन गए हैं। चालक-परिचालक अक्सर ऊंची आवाज में संगीत बजाते हैं, जिससे बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी होती है। विरोध करने पर स्टाफ यात्रियों से उलझने पर उतारू हो जाता है। वहीं, रिहायशी इलाकों और बाजारों में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल ध्वनि प्रदूषण बढ़ा रहा है। कई बस चालक बिना निर्धारित वर्दी के ड्यूटी कर रहे हैं, जिससे यात्रियों के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। विभागीय गाइडलाइंस होने के बावजूद प्रति किलोमीटर समय और वर्दी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है।


कोट
चलती गाड़ी में मोबाइल पर बात करना दंडनीय अपराध है। पुलिस विशेष अभियान चलाकर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान काटेगी। किसी को भी यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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विशाल वर्मा, डीएसपी
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