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कीरतपुर मनाली फोरलेन : हाईकोर्ट में 30 अक्तूबर को होगी मामले की सुनवाई

Wed, 22 Oct 2025 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 22 Oct 2025 11:28 PM IST
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Kiratpur Manali four-lane: The High Court will hear the case on October 30.
एनएच-154 पर निर्माण, अतिक्रमण को लेकर एनएचएआई को देने होंगे शपथ पत्र
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बताना होगा फोरलेन पर अधिग्रहित भूमि से कितनी दूरी तक होगी निर्माण की अनुमति
कौन करेगा अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य की निगरानी, क्या शर्तें होंगी निर्माण की

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में 30 अक्तूबर 2025 को सुनवाई होगी। अदालत ने पूर्व की सुनवाई में एनएचएआई, बिलासपुर, मंडी और कुल्लू के उपायुक्तों को आवश्यक रिकॉर्ड और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसके आधार पर केस की आगे की प्रक्रिया तय होगी।

फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि इस केस में उच्च न्यायालय ने पूर्व की सुनवाई के दौरान एनएचएआई को साफ किया था कि उन्हें तीन बिंदुओं पर शपथ पत्र दाखिल करना अनिवार्य है। इनमें फोरलेन पर एक्वायर विड्थ (अधिग्रहित भूमि) से कितनी दूरी तक निर्माण की अनुमति दी जाएगी, ताकि भविष्य में अतिक्रमण या अवैध निर्माण रोका जा सके। जिन ढांचों का मुआवजा पहले ही आवंटित हो चुका है और वे अभी भी मौके पर खड़े हैं, उन्हें गिराने की जिम्मेदारी किसकी होगी, एनएचएआई की या प्रशासन की। अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य की निगरानी कौन करेगा और किन शर्तों पर निर्माण की अनुमति दी जाएगी। बताते चलें कि पिछली सुनवाई में बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने 21 जुलाई को अदालत में हलफनामा पेश किया था। इसमें बताया गया है कि जिले के चारों उप मंडलों में कुल 49 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। इनमें सदर में चार, घुमारवीं में 14, झंडूता में 29 और नयना देवी में दो शामिल हैं। गत सुनवाई के दौरान अदालत ने मंडी और कुल्लू दोनों जिलों के उपायुक्तों को भी निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में एनएच-154 किनारे मौजूद अतिक्रमणों की सूची, हटाई गई संरचनाओं का ब्यौरा और आगे की कार्ययोजना 30 अक्तूबर को अदालत में पेश करें। मदन लाल शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान मामले के हर पहलू पर गौर किया है। उसी के तहत सुनवाई करते हुए रिकॉर्ड उपायुक्तों और एनएचएआई से मांगा है। कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 30 अक्तूबर की सुनवाई में उच्च न्यायालय में एनएचएआई और सभी उपायुक्त रिकॉर्ड के साथ पहुंचेंगे। कहा कि समिति को हाईकोर्ट से ही सारी उम्मीद हैं।
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