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Bilaspur News: सुन्हाणी गांव के आईटीबीपी जवान सुनील का हृदयाघात से निधन
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- सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, देहरादून में दे रहे थे सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं/शाहतलाई (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के तहत सुन्हाणी गांव के आईटीबीपी जवान सुनील कुमार (40) पुत्र नंदलाल का हृदयाघात के कारण निधन हो गया। शनिवार को पैतृक गांव में सुन्हाणी खड्ड के किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर के साथ आए आईटीबीपी के जवानों ने तिरंगे से ढके जवान के पार्थिव शव पर पुष्प अर्पित कर सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
सुनील कुमार भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में देहरादून में तैनात थे। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते दिन ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और कुछ ही पलों में उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। निधन के बाद देहरादून में उनका पोस्टमार्टम किया गया और शनिवार को पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सुन्हाणी पहुंचा। सुनील अपने परिवार के प्रति गहरी जिम्मेदारियों को निभाते हुए देश सेवा में कार्यरत थे। उनके असामयिक निधन से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। सुनील के पड़ोसी और मित्रों ने उन्हें एक सच्चा देशभक्त और मृदुभाषी व्यक्ति के रूप में याद किया। उनके निधन की खबर मिलते ही आसपास के गांवों से लोग संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके घर पहुंचे। स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और सरकार से अपेक्षा की है कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे। उनके अंतिम संस्कार में स्थानीय लोगों सहित प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं/शाहतलाई (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के तहत सुन्हाणी गांव के आईटीबीपी जवान सुनील कुमार (40) पुत्र नंदलाल का हृदयाघात के कारण निधन हो गया। शनिवार को पैतृक गांव में सुन्हाणी खड्ड के किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर के साथ आए आईटीबीपी के जवानों ने तिरंगे से ढके जवान के पार्थिव शव पर पुष्प अर्पित कर सलामी देकर अंतिम विदाई दी।
सुनील कुमार भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में देहरादून में तैनात थे। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते दिन ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और कुछ ही पलों में उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। निधन के बाद देहरादून में उनका पोस्टमार्टम किया गया और शनिवार को पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सुन्हाणी पहुंचा। सुनील अपने परिवार के प्रति गहरी जिम्मेदारियों को निभाते हुए देश सेवा में कार्यरत थे। उनके असामयिक निधन से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। सुनील के पड़ोसी और मित्रों ने उन्हें एक सच्चा देशभक्त और मृदुभाषी व्यक्ति के रूप में याद किया। उनके निधन की खबर मिलते ही आसपास के गांवों से लोग संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके घर पहुंचे। स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और सरकार से अपेक्षा की है कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे। उनके अंतिम संस्कार में स्थानीय लोगों सहित प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।
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