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Bilaspur News: कोट गांव में लोगों ने सीखे तनावमुक्त रहने के गुर
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कोट गांव में आर्ट ऑफ लिविंग के शिविर में मौजूद महिलाएं। स्रोत: संस्थान
आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कार्यक्रम में सकारात्मक सोच अपनाने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कोट गांव में आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में आयोजित हैप्पीनेस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन जीने की कला सीखी। कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों ने श्वास तकनीकों, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कर मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षक सुदीप शर्मा और मनीष कुमार ने प्रतिभागियों को आर्ट ऑफ लिविंग के उद्देश्य,जीवन में सकारात्मक सोच का महत्व तथा नियमित श्वास अभ्यास के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सुदर्शन क्रिया और अन्य योगिक तकनीकों के नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति संतुलित एवं स्वस्थ जीवनशैली अपना सकता है। आर्ट ऑफ लिविंग के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर अरुण डोगरा रीतू ने बताया कि संस्था का उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में बीना देवी, गायत्री, बबली, सुखलाल, शकुंतला, रचना, सुरेंद्रा, ओंका देवी, कांता देवी, धर्मपाल, सुमन, रेनू, लता, अंकित, ललिता, रेखा, ब्राह्मी देवी, सरल, रमेश और सुनीता सहित अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कोट गांव में आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में आयोजित हैप्पीनेस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन जीने की कला सीखी। कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों ने श्वास तकनीकों, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कर मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षक सुदीप शर्मा और मनीष कुमार ने प्रतिभागियों को आर्ट ऑफ लिविंग के उद्देश्य,जीवन में सकारात्मक सोच का महत्व तथा नियमित श्वास अभ्यास के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सुदर्शन क्रिया और अन्य योगिक तकनीकों के नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति संतुलित एवं स्वस्थ जीवनशैली अपना सकता है। आर्ट ऑफ लिविंग के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर अरुण डोगरा रीतू ने बताया कि संस्था का उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में बीना देवी, गायत्री, बबली, सुखलाल, शकुंतला, रचना, सुरेंद्रा, ओंका देवी, कांता देवी, धर्मपाल, सुमन, रेनू, लता, अंकित, ललिता, रेखा, ब्राह्मी देवी, सरल, रमेश और सुनीता सहित अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया।
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