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Bilaspur News: घुमारवीं में करोड़ों के मकान, लाखों के वाहन, पार्किंग सड़क पर

Mon, 02 Dec 2024 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 02 Dec 2024 11:36 PM IST
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Houses worth crores, vehicles worth lakhs, parking on the road in Ghumarwin
पार्किंग का संकट
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टीसीपी एक्ट लागू, लेकिन नए मकान के साथ पार्किंग बनाने का नहीं प्रावधान
मकान मालिक से लेकर किराएदार तक के वाहन सड़कों पर हो रहे खड़े


संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। लोगों के पास करोड़ों रुपये के मकान और लाखों की गाड़ियां तो हैं, लेकिन पार्किंग सड़क किनारे हो रही है। यह हालत है घुमारवीं शहर की है।
घुमारवीं शहर में टीसीपी एक्ट के तहत मकान बनाए जाते हैं। मकान बनाने से पहले नक्शा बनाकर उसे नगर परिषद से पास करवाया जाता है। लेकिन अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था या कानून नहीं बनाया गया है, जिसमें मकान बनाने से पहले पार्किंग बनाने का प्रावधान जरूरी रखा गया हो। इसका एक कारण यह भी है कि ज्यादातर मकान ऐसे स्थान पर बने हैं, जहां पर गाड़ी ले जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है। यही वजह है कि नगर परिषद भी नए मकान के निर्माण से पहले पार्किंग की व्यवस्था के लिए किसी को बाध्य नहीं कर पाता है। घुमारवीं शहर में शाम ढलते ही सड़क किनारे कारों की कतारें लगना शुरू हो जाती हैं। रात होते ही राष्ट्रीय राजमार्ग-103 के साथ शहर की गलियों में गाड़ियां ऐसे खड़ी कर दी जाती हैं कि दूसरे वाहन को निकलने के लिए जगह ही नहीं बचती। हालांकि कुछ लोग तो सडक़ पर गाड़ी इसलिए खड़ी कर देते हैं कि उनके घर में पर्याप्त जगह नहीं है। कई लोग ऐसे भी हैं जिनके घर में गाड़ी खड़ी करने की जगह तो है, लेकिन यह लोग भी अंदर बाहर करने के झंझट से बचने के लिए अपने वाहन सड़क किनारे ही खड़ कर देते हैं। पूरे शहर में पार्किंग व्यवस्था का यही हाल है। शहर में ज्यादातर मकान व्यावसायिक तरीके से बने हुए हैं, जिनमें किराएदारों के रहने की व्यवस्था की हुई है। औसतन हर मकान में 1 से 2 किराएदार रहते हैं। ज्यादातर किराएदारों के पास अपनी गाड़ियां हैं, वह सभी सड़क किनारे ही खड़ी होती हैं। यही कारण है कि पूरे शहर कोई पार्किंग प्लान न होने के कारण अव्यवस्थित होकर रह गया है। दिन भर के जाम से स्थानीय दुकानदारों के साथ राहगीर को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अकेले घुमारवीं शहर में छोटी बड़ी करीब 5,000 से अधिक गाड़ियां हैं। इनमें से ज्यादातर गाड़ियां सड़क किनारे ही खड़ी की जाती हैं।
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कोट
नगर परिषद में अभी तक ऐसी कोई भी व्यवस्था या कानून नहीं बना है, जिसके तहत नया मकान बनाने से पहले पार्किंग व्यवस्था को जरूरी किया जा सके। नगर परिषद सिर्फ उन्हीं घरों के नक्शे पास करती है, जिसमें वाटर हार्वेस्टिंग को जरूरी रखा गया है। इसके अलावा पार्किंग होने न होने के लिए कोई व्यवस्था जरूरी नही की गई है।
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खेम राज वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं
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